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यहां आज भी बंदूकों की साये में पड़ते हैं वोट, डर के मारे कोई बोलने तक को तैयार नहीं

Sat, 18 Feb 2017 11:16 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 18 Feb 2017 11:16 PM IST
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It still has to vote in shadows of guns
2007 तक बीहड़ से जारी होता था फतवा
आज भी यूपी का एक जिला ऐसा है जहां डकैतों की दहशत बरकरार है। मुखबिरी तो दूर इनके खिलाफ कोई बोलने तक को तैयार नहीं होता। डकैत गैंग के इशारे पर लोग वोट डालते हैं। यमुना के बीहड़ से इन गिरोहों का प्रत्याशी के पक्ष में फतवा जारी होता था। इसके लिए प्रत्याशी गिरोह सरगना को नजराना देते आए हैं। 

यहां आज भी बंदूकों की साये में पड़ते हैं वोट, डर के मारे कोई बोलने तक को तैयार नहीं

It still has to vote in shadows of guns
डेमो पिक

फतेहपुर और कौशांबी जिले से जुडा यमुना तटवर्ती क्षेत्रों में चुनावी सीजन में डकैतों की सक्रियता बढ़ती जा रही है। खागा विधानसभा चुनाव में बांदा के गोप्पा यादव गिरोह का दखल हो सकता है। इस क्षेत्र के यमुना तटवर्ती क्षेत्र में आतंक जमा रहे इस दस्यु सरगना से प्रत्याशियों ने संपर्क साधना शुरू कर दिया है।

यहां आज भी बंदूकों की साये में पड़ते हैं वोट, डर के मारे कोई बोलने तक को तैयार नहीं

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डेमो पिक

गिरोह के मध्यस्थ के रूप में मारे गए दस्यु शंकर के बेटे की पहचान है। पिछले कई चुनाव दस्यु उमर और दस्यु शंकर की बंदूकों के साये में हुए हैं, जिसमें उनके पसंदीदा प्रत्याशी विधायक चुने भी गए हैं। पहले शंकर और उसके बाद उमर गिरोह का खात्म होने के बाद जिले में गोलियों की धमक कमजोर हो गई थी।

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यहां आज भी बंदूकों की साये में पड़ते हैं वोट, डर के मारे कोई बोलने तक को तैयार नहीं

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डेमो पिक

लोकसभा चुनाव 2014 में खागा जिला दस्युविहीन था। इधर, दो साल में बांदा के दस्यु गोप्पा यादव का गिरोह किशनपुर, खखरेरू से लेकर धाता थाना क्षेत्र में खासा प्रभाव बना चुका है। 15 से ज्यादा असलाहधारी लोगों का ये गिरोह आए दिन यमुना तटवर्ती गांवों में घूमता देखा जा रहा है।

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यहां आज भी बंदूकों की साये में पड़ते हैं वोट, डर के मारे कोई बोलने तक को तैयार नहीं

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डेमो पिक

नाम उजागर न करने की शर्त पर गांव के लोग बताते हैं कि गोप्पा का गिरोह दस्यु उमर और शंकर गिरोह के रास्ते पर चल रहा है। इसी लिए लोग उनके खिलाफ मुखबिरी से भय खाते हैं। गोप्पा गैंग की आय मछली शिकार, बालू माफियाओं से होती है।

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