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पुलिस ने जमकर पीटा, जीशान के गले की हड्डी टूटी मिली
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 20 Mar 2016 01:41 AM IST
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Zeeshan
- फोटो : amar ujala
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चोरी के शक में पकड़कर बरौर थाने लाए गए ट्रक ड्राइवर जीशान (35) को पुलिस ने बेरहमी से पीटा था। शनिवार सुबह हुए पोस्टमार्टम से पता चला कि जीशान के शरीर पर 20 से ज्यादा चोटें थीं। उसके सिर, माथे पर खरोंचों के साथ पीठ पर भी पिटाई के निशान मिले हैं। उसे उल्टा लटकाकर भी पीटा गया। बेल्ट से पीटने के भी निशान हैं। जीशान के गले की हड्डी टूटी मिली और मौत का कारण हैंगिंग (फांसी) बताया गया। आशंका है कि पिटाई से आहत जीशान ने हवालात में फांसी लगाई।
वहीं, शनिवार को एसपी पुष्पांजलि ने एसओ सहित 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। बता दें कि बरौर क्षेत्र के केशी गांव निवासी जीशान ट्रक चालक था और गुरुवार को कानपुर नगर से ट्रक लेकर औरैया जा रहा था। कानपुर देहात के बारा जोड़ के पास एसओजी टीम ने उसे पकड़ लिया और बरौर थाने में रखकर पूछताछ की। इसी दौरान शुक्रवार शाम थाने में जीशान की मौत हो गई थी। देर शाम तक परिजनों और गांव वालों ने थाना घेरकर जमकर बवाल किया था।
शनिवार सुबह आठ बजे सीएमओ डॉ. आरए सिंह ने डॉ. विकास कुमार और एक अन्य डॉक्टर के पैनल से पोस्टमार्टम करवाया तो जीशान के साथ पुलिस की हैवानियत का खुलासा हुआ। दूसरी ओर अपर पुलिस अधीक्षक ऋषिपाल सिंह यादव ने बताया कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। एसओजी प्रभारी संतोष सिंह, एसओ वेद प्रकाश पांडेय, एसआई संतोष अवस्थी, एचसीपी जानकी प्रसाद, हेडकांस्टेबिल कमाल सिंह, कांस्टेबिल रामकिशन, चालक अनिल कुमार, होमगार्ड राजकुमार, एसओजी कांस्टेबिल नीरज कुमार, अंकुर भदौरिया, रामपाल, बृजमोहन वर्मा, राघवेंद्र सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, कमला सिंह को निलंबित को सस्पेंड कर दिया गया है। भोगनीपुर के एसएसआई नफीस अहमद सिद्दीकी को बरौर थाना इंचार्ज नियुक्त किया गया है।
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सीएम राहत कोष से पांच लाखः बरौर। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद जीशान के शव को केशी गांव लाया गया। कड़ी सुरक्षा में शव को दफनाया गया। सपा एमएलसी दिलीप सिंह यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने जीशान के परिजनों को राहत कोष से पांच लाख रुपये सहायता देने की बात कही है। विधायक योगेंद्रपाल सिंह ने कहा कि परिजनों को डा. राम मनोहर लोहिया ग्राम विकास योजना के तहत आवास दिलाने के लिए पहल की जाएगी। एसडीएम ने बताया कि जीशान की पत्नी के नाम ढाई बीघे भूमि का पट्टा किया जाएगा। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30 हजार रुपये की सहायता तत्काल दी जाएगी और पेंशन के लिए भी कार्यवाही की जाएगी।
हथकड़ी से हवालात में लगाई फांसी
देहात के बरौर थाने के अंदर शुक्रवार शाम ट्रक ड्राइवर जीशान का शव हवालात में हथकड़ी की रस्सी से लटका मिला था। माना जा रहा है कि पुलिस की पिटाई से आहत होकर उसने फांसी लगा ली। पुलिस अधिकारियों की माने तो इस मामले में सबसे बड़ी चूक बरौर एसओ की है क्योंकि उसने जीशान को रस्सी और हथकड़ी सहित हवालात में डाल दिया था।
सूत्रों ने बताया कि जीशान के हाथ में हथकड़ी बांधकर थाने में घंटो पूछताछ की जाती रही और उसके साथ मारपीट भी की गई।
इसके बाद हथकड़ी खोले बगैर एसओ वेदप्रकाश पांडेय ने उसे हवालात में डाल दिया। पिटाई से आहत जीशान ने मौका देखकर हवालात में हथकड़ी की रस्सी से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। काफी देर बाद पुलिसकर्मियों ने देखा तो जीशान को फंदे से उतार कर हथकड़ी छिपा दी। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद अफसरों ने पुलिस कर्मियों से पूछताछ की तो यह बात सामने आई।
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वहीं, शनिवार को एसपी पुष्पांजलि ने एसओ सहित 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। बता दें कि बरौर क्षेत्र के केशी गांव निवासी जीशान ट्रक चालक था और गुरुवार को कानपुर नगर से ट्रक लेकर औरैया जा रहा था। कानपुर देहात के बारा जोड़ के पास एसओजी टीम ने उसे पकड़ लिया और बरौर थाने में रखकर पूछताछ की। इसी दौरान शुक्रवार शाम थाने में जीशान की मौत हो गई थी। देर शाम तक परिजनों और गांव वालों ने थाना घेरकर जमकर बवाल किया था।
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शनिवार सुबह आठ बजे सीएमओ डॉ. आरए सिंह ने डॉ. विकास कुमार और एक अन्य डॉक्टर के पैनल से पोस्टमार्टम करवाया तो जीशान के साथ पुलिस की हैवानियत का खुलासा हुआ। दूसरी ओर अपर पुलिस अधीक्षक ऋषिपाल सिंह यादव ने बताया कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। एसओजी प्रभारी संतोष सिंह, एसओ वेद प्रकाश पांडेय, एसआई संतोष अवस्थी, एचसीपी जानकी प्रसाद, हेडकांस्टेबिल कमाल सिंह, कांस्टेबिल रामकिशन, चालक अनिल कुमार, होमगार्ड राजकुमार, एसओजी कांस्टेबिल नीरज कुमार, अंकुर भदौरिया, रामपाल, बृजमोहन वर्मा, राघवेंद्र सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, कमला सिंह को निलंबित को सस्पेंड कर दिया गया है। भोगनीपुर के एसएसआई नफीस अहमद सिद्दीकी को बरौर थाना इंचार्ज नियुक्त किया गया है।
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सीएम राहत कोष से पांच लाखः बरौर। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद जीशान के शव को केशी गांव लाया गया। कड़ी सुरक्षा में शव को दफनाया गया। सपा एमएलसी दिलीप सिंह यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने जीशान के परिजनों को राहत कोष से पांच लाख रुपये सहायता देने की बात कही है। विधायक योगेंद्रपाल सिंह ने कहा कि परिजनों को डा. राम मनोहर लोहिया ग्राम विकास योजना के तहत आवास दिलाने के लिए पहल की जाएगी। एसडीएम ने बताया कि जीशान की पत्नी के नाम ढाई बीघे भूमि का पट्टा किया जाएगा। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30 हजार रुपये की सहायता तत्काल दी जाएगी और पेंशन के लिए भी कार्यवाही की जाएगी।
हथकड़ी से हवालात में लगाई फांसी
देहात के बरौर थाने के अंदर शुक्रवार शाम ट्रक ड्राइवर जीशान का शव हवालात में हथकड़ी की रस्सी से लटका मिला था। माना जा रहा है कि पुलिस की पिटाई से आहत होकर उसने फांसी लगा ली। पुलिस अधिकारियों की माने तो इस मामले में सबसे बड़ी चूक बरौर एसओ की है क्योंकि उसने जीशान को रस्सी और हथकड़ी सहित हवालात में डाल दिया था।
सूत्रों ने बताया कि जीशान के हाथ में हथकड़ी बांधकर थाने में घंटो पूछताछ की जाती रही और उसके साथ मारपीट भी की गई।
इसके बाद हथकड़ी खोले बगैर एसओ वेदप्रकाश पांडेय ने उसे हवालात में डाल दिया। पिटाई से आहत जीशान ने मौका देखकर हवालात में हथकड़ी की रस्सी से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। काफी देर बाद पुलिसकर्मियों ने देखा तो जीशान को फंदे से उतार कर हथकड़ी छिपा दी। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद अफसरों ने पुलिस कर्मियों से पूछताछ की तो यह बात सामने आई।