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कानपुर: एनीडेस्क एप डाउनलोड करवाया फिर युवक के खाते से पार किए 1.39 लाख रुपये
Thu, 23 Jan 2020 01:07 PM IST
शिखा पांडेय
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 23 Jan 2020 01:07 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
कानपुर के काकादेव में एक युवक के खाते से साइबर ठगों ने 1.39 लाख रुपये पार कर दिए। ठग ने एनीडेस्क एप डाउनलोड करवा के ठगी को अंजाम दिया। पैसे निकलने का मैसेज आने पर मामले की जानकारी हुई। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है।
शास्त्री नगर निवासी राजीव कुमार सिंह गौर ब्याज पर पैसे देने का काम करते हैं। राजीव ने बताया कि 11 जनवरी को उन्होंने गूगल पर जोमेटो का नंबर सर्च किया। जो नंबर मिला, उस पर संपर्क किया तो फोन रिसीव करने वाले शख्स ने अपना नाम राकेश शर्मा बताया।
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शास्त्री नगर निवासी राजीव कुमार सिंह गौर ब्याज पर पैसे देने का काम करते हैं। राजीव ने बताया कि 11 जनवरी को उन्होंने गूगल पर जोमेटो का नंबर सर्च किया। जो नंबर मिला, उस पर संपर्क किया तो फोन रिसीव करने वाले शख्स ने अपना नाम राकेश शर्मा बताया।
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उसे खाने का ऑर्डर दिया। भुगतान के लिए राकेश ने एनीडेस्क एप डाउनलोड करने को कहा। एप डाउनलोड होने के बाद उसका यूनिक नंबर भी उसने पूछ लिया। फिर चंद मिनट में राजीव के खाते से 1.39 लाख रुपये खाते से निकल गए। इंस्पेक्टर केके दीक्षित ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। बैंक से दस्तावेज मांगे गए हैं। मामले में साइबर सेल की मदद ली जा रही है।
इस एप से ऐसे पार करते हैं रकम
साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर लान सिंह ने बताया कि एनीडेस्क एप के जरिये एक-दूसरे के मोबाइल का एक्सेस किया जा सकता है। लोगों को जाल में फंसाकर ठग यह एप डाउनलोड करवाते हैं और उसकी आईडी ले लेते हैं। इससे वह बैंक खाताधारक का मोबाइल ठग ऑपरेट करके ओटीपी हासिल कर लेते हैं और रकम पार कर देते हैं।
इस एप से ऐसे पार करते हैं रकम
साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर लान सिंह ने बताया कि एनीडेस्क एप के जरिये एक-दूसरे के मोबाइल का एक्सेस किया जा सकता है। लोगों को जाल में फंसाकर ठग यह एप डाउनलोड करवाते हैं और उसकी आईडी ले लेते हैं। इससे वह बैंक खाताधारक का मोबाइल ठग ऑपरेट करके ओटीपी हासिल कर लेते हैं और रकम पार कर देते हैं।