फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   balram was spying for pakistan

भाजपा कार्यकर्ता बना ये शख्स एक साल से कर रहा था पाकिस्तान के लिए भारत की जासूसी

Mon, 13 Feb 2017 10:44 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 13 Feb 2017 10:44 PM IST
विज्ञापन
balram was spying for pakistan
पाकिस्तान से जासूसी का आरोपी बलराम सिंह

पाकिस्तान के लिए जासूसी और आईएसआई एजेन्टों तक पैसा पहुंचाने के आरोप में एटीएस द्वारा गिरफ्तार बांदा का बलराम सिंह भाजपा में भी रहा है। सतना (एमपी) में दबोचे गए बांदा जनपद के गांव देउरा (जौहरपुर) निवासी बलराम सिंह के बारे में एमपी की एटीएस अभी छानबीन में जुटी हुई है। 

विज्ञापन

बलराम सिंह के बारे में बताया गया है कि यह भाजपा में भी रहा। मार्च 2014 में भाजपा में शामिल हुआ। इसकी पुष्टि उसने 15 मार्च 2014 को अपने फेसबुक पर खुद की थी। वहां बजरंग दल के कार्यक्रमों में भी शिरकत करता था। बताते हैं कि जासूसी का भंडाफोड़ होने की भनक लगते ही बलराम का भाई विक्रम कई साथियों के साथ आया और सतना स्थित बलराम के किराए के मकान में रखा उसका सामान एक वाहन में भराकर उठा ले गया। 
विज्ञापन


बलराम इतना बवाली कैसे हो गया? 

ईएसआई के एजेंटों तक पैसा पहुंचाने और पाकिस्तान की जासूसी करने के आरोप में मध्य प्रदेश एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉयड (एटीएस) द्वारा सतना (एमपी) में दबोचे गए बांदा जनपद के  पैतृक गांव देउरा (जौहरपुर) निवासी बलराम सिंह के बारे में एमपी की एटीएस अभी छानबीन में जुटी हुई है। मंगलवार (14 फरवरी) तक वह रिमांड पर एमपी पुलिस के कब्जे में है। जल्द ही एटीएस टीम बलराम के पैतृक गांव देउरा आ सकती है। उधर, उसके पैतृक गांव में रह रहे बाबा व अन्य परिजन तथा ग्रामीण अभी भी हैरत में हैं कि यहां गांव में बेहद सीधा सादा रहा बलराम इतना बवाली कैसे हो गया? हाल ही में बांदा जनपद की सरहद से जुड़े सतना में वहां की एटीएस ने बलराम सिंह को गिरफ्तार किया। एटीएस ने 10 अन्य लोग भी एमपी के विभिन्न जनपदों में दबोचे हैं। इन सभी पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम और जासूसी करने के आरोप हैं। इस गिरोह का सरगना बलराम को ही बताया जा रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन


250 पाकिस्तानी कॉल उसने रिसीव किए
एमपी के एटीएस अधिकारियों का कहना है कि बलराम के पास पाकिस्तान से मोबाइल फोन पर कॉल आते थे। पिछले एक वर्ष में करीब ढाई सौ पाकिस्तानी कॉल उसने रिसीव किए। बलराम वर्ष 2010 में दुबई गया था और वहां ड्राइवर के रूप में नौकरी करता रहा। एटीएस की पड़ताल के मुताबिक वर्ष 2013 में वह आईएसआई के संपर्क में आया। उसी के बाद उसने आईएसआई में अपनी पैठ बढ़ा ली और हवाला आदि के जरिए पाकिस्तान से अपने खातों में पैसा मंगाकर कश्मीर में आईएसआई एजेंटों को पहुंचाने में महारत हासिल कर ली। यह भी बताया जा रहा है कि बलराम सबसे अहम कोरियर की भूमिका में था। पाकिस्तानी हैंडलर्स से आई रकम को वो हवाला के जरिए आईएसआई के जासूसों तक पहुंचाता था। उसके माता-पिता व मकान सतना जनपद के सोहास गांव में है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed