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इनामी सुपारी किलर गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Thu, 07 Jul 2016 01:41 AM IST
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शूटर जावेद
- फोटो : amarujala
बंथरा में ग्राम पंचायत सदस्य अशोक कुमार मौर्या उर्फ लाला (55) की गोली मारकर हत्या करने वाले कानपुर के मसवानपुर कल्याणपुर निवासी सुपारी किलर जावेद आलम को क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीम ने दबोच लिया।
एसएसपी ने बताया कि ग्राम पंचायत सदस्य के रिश्तेदार अंकुर मौर्या ने प्रॉपर्टी के विवाद में हत्या कराई थी। इसके लिए उसने कानपुर के बिठूर निवासी अपने साले श्रवण के जरिये चमनगंज के एक अपराधी राजा मतीन से मुलाकात की। मतीन ने उसे जावेद से मिलवाया। दोनों के बीच एक लाख रुपये में हत्या का सौदा तय हुआ।
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इसमें से 30 हजार रुपये एडवांस दिए गए। काम होने पर अंकुर ने दो बिसवा जमीन जावेद के नाम करने का भी वादा किया था। हत्या से एक दिन पहले जावेद अपने साथ आदिल और शादाब को लेकर बंथरा आया। तीनों ने अशोक मौर्या की रेकी की और रात को कानपुर लौट गए।
छह जून की सुबह तीनों बाइक से बंथरा आए और अशोक की दुकान में घुसकर उसे गोली मार दी। पुलिस ने अंकुर और श्रवण को गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार रात बंथरा के हिंदूखेड़ा मोड़ से जावेद को भी दबोच लिया गया। पूछताछ में जावेद ने कुबूला कि हत्या के बाद वह और साथी आदिल व शादाब बिठूर, कानपुर देहात और जाजमऊ में छिपे रहे।
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लखनऊ ब्यूरो के अनुसार, एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि लाला की सुपारी देने वाले उसके रिश्तेदार अंकुर ने शूटर को काम पूरा होने पर दो बिसवा जमीन देने का वादा किया था। जावेद पर कल्याणपुर थाने से 12 हजार रुपये का इनाम था। वारदात में उसके साथ कानपुर के ही आदिल और शादाब उर्फ सैफू शामिल थे। दोनों फरार हैं। क्राइम ब्रांच की एक टीम गैर जनपद में उनकी तलाश कर रही है।
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एसएसपी ने बताया कि ग्राम पंचायत सदस्य के रिश्तेदार अंकुर मौर्या ने प्रॉपर्टी के विवाद में हत्या कराई थी। इसके लिए उसने कानपुर के बिठूर निवासी अपने साले श्रवण के जरिये चमनगंज के एक अपराधी राजा मतीन से मुलाकात की। मतीन ने उसे जावेद से मिलवाया। दोनों के बीच एक लाख रुपये में हत्या का सौदा तय हुआ।
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इसमें से 30 हजार रुपये एडवांस दिए गए। काम होने पर अंकुर ने दो बिसवा जमीन जावेद के नाम करने का भी वादा किया था। हत्या से एक दिन पहले जावेद अपने साथ आदिल और शादाब को लेकर बंथरा आया। तीनों ने अशोक मौर्या की रेकी की और रात को कानपुर लौट गए।
छह जून की सुबह तीनों बाइक से बंथरा आए और अशोक की दुकान में घुसकर उसे गोली मार दी। पुलिस ने अंकुर और श्रवण को गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार रात बंथरा के हिंदूखेड़ा मोड़ से जावेद को भी दबोच लिया गया। पूछताछ में जावेद ने कुबूला कि हत्या के बाद वह और साथी आदिल व शादाब बिठूर, कानपुर देहात और जाजमऊ में छिपे रहे।