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खड्ड में मिली दवाओं की जांच डिप्टी सीएमओ करेंगे
Updated Sun, 11 Jun 2017 12:43 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
तालग्राम (कन्नौज)। खड्ड में फेंकी गई दवाएं मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू की है। सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।
आठ जून को तालग्राम क्षेत्र के गांव अमोलर और नेपालपुर, पहलपुर्वा में अलग-अलग स्थानों पर खड्ड में सरकारी दवाएं मिली थी। अमर उजाला ने खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। सीएमओ डा. एके पचौरी के निर्देश पर स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दवाओं को उठवा लिया था। इसके बाद दवाओं की जांच पड़ताल कराई गई।
तालग्राम ब्लाक के चिकित्सा अधीक्षक डा. इरशाद ने दवाओं के बैच नंबरों के मिलान के बाद बताया कि खड्ड में मिली दवाएं ओवीएल 270, 276, 268, 269, 267 बैच नंबर की हैं। सभी दवाएं नौनिहालों में क्षमतावृद्धि और उनकी सेहत को दुरुस्त रखने की है। बीते साल राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इन दवाओं को प्राथमिक व निजी स्कूलों के बच्चों को वितरण कराने के लिए शासन से सभी ब्लाकों में भेजी गई थी।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 16 मार्च 2016 को सीएमओ आफिस कन्नौज में तैनात चीफ फार्मासिस्ट ने गुरसहायगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के फार्मासिस्ट को इन दवाओं की रिसीव स्लिप लेने के बाद दी थी, लेकिन कर्मचारियों ने शासन से आई लाखों रुपये की कीमत इन दवाओं का बच्चों को वितरण नहीं कराया और एक साल बाद इन्हें फेंक दिया।
शनिवार को सीएमओ एके पचौरी ने डिप्टी सीएमओ डा. जयराम सिंह को इसकी जांच सौंपी है। सीएमओ ने तत्काल प्रभाव से जांच कर रिपोर्ट लेने के बाद कार्रवाई की बात कही है। मामले की जांच शुरू होने के बाद अब स्वास्थ्य मकहमे के अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों को देने के लिए आई थी दवाएं
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तालग्राम (कन्नौज)। खड्ड में फेंकी गई दवाएं मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू की है। सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।
आठ जून को तालग्राम क्षेत्र के गांव अमोलर और नेपालपुर, पहलपुर्वा में अलग-अलग स्थानों पर खड्ड में सरकारी दवाएं मिली थी। अमर उजाला ने खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। सीएमओ डा. एके पचौरी के निर्देश पर स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दवाओं को उठवा लिया था। इसके बाद दवाओं की जांच पड़ताल कराई गई।
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तालग्राम ब्लाक के चिकित्सा अधीक्षक डा. इरशाद ने दवाओं के बैच नंबरों के मिलान के बाद बताया कि खड्ड में मिली दवाएं ओवीएल 270, 276, 268, 269, 267 बैच नंबर की हैं। सभी दवाएं नौनिहालों में क्षमतावृद्धि और उनकी सेहत को दुरुस्त रखने की है। बीते साल राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इन दवाओं को प्राथमिक व निजी स्कूलों के बच्चों को वितरण कराने के लिए शासन से सभी ब्लाकों में भेजी गई थी।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 16 मार्च 2016 को सीएमओ आफिस कन्नौज में तैनात चीफ फार्मासिस्ट ने गुरसहायगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के फार्मासिस्ट को इन दवाओं की रिसीव स्लिप लेने के बाद दी थी, लेकिन कर्मचारियों ने शासन से आई लाखों रुपये की कीमत इन दवाओं का बच्चों को वितरण नहीं कराया और एक साल बाद इन्हें फेंक दिया।
शनिवार को सीएमओ एके पचौरी ने डिप्टी सीएमओ डा. जयराम सिंह को इसकी जांच सौंपी है। सीएमओ ने तत्काल प्रभाव से जांच कर रिपोर्ट लेने के बाद कार्रवाई की बात कही है। मामले की जांच शुरू होने के बाद अब स्वास्थ्य मकहमे के अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों को देने के लिए आई थी दवाएं