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क्रिकेट मैच के विवाद में सड़क पर हुआ खूनी संघर्ष
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 02 Jun 2018 07:07 PM IST
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क्रिकेट मैच के विवाद में रोड पर दो पक्षों में हुआ था विवाद
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के कन्नौज जिले में छिबरामऊ के विशुनगढ़ रोड पर सरे बाजार हुए उपद्रव व जानलेवा हमले में छह लोग घायल हो गए लेकिन पुलिस ने सिर्फ शांतिभंग के तहत कार्रवाई की। अब जब मामले को लेकर अधिकारियों पर दबाव बढ़ा तो पुलिस तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज करने की बात कह रही है। हालांकि तहरीर उसी दिन दोनों पक्षों ने दे दी थी लेकिन पुलिस इससे इनकार कर रही है।
तीन दिन पहले विशुनगढ़ रोड पर ग्राम रामपुर बैजू में क्रिकेट मैच के विवाद को लेकर दो पक्षों में संघर्ष हो गया। सड़क पर जमकर लाठी-डंडे व ईंट-पत्थर चले जिसमें दोनों पक्षों से छह लोग घायल हुए थे। पुलिस ने घायलों का डॉक्टरी परीक्षण कराकर उनके ही खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई कर दी थी। हालांकि उस दौरान दोनों पक्षों ने घटना की तहरीर दी लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने रिपोर्ट लिखना तो दूर यह कहना शुरू कर दिया कि जब उन्हें तहरीर ही नहीं मिली तो वह क्या कार्रवाई करें।
अब तीन दिन बीत जाने के बाद सरे बाजार हुए उपद्रव जिसमें छह लोग घायल हुए हों, के मामले में आरोपियों के खिलाफ सिर्फ शांतिभंग की कार्रवाई करना लोगों के गले नहीं उतर रहा। पुलिसिया कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
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जब यह मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा और उन्होंने कड़ा रुख अपनाया तब कोतवाली पुलिस हरकत में आई और पीड़ितों पर तहरीर देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि घटना की किसी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है। यदि तहरीर मिलती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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तीन दिन पहले विशुनगढ़ रोड पर ग्राम रामपुर बैजू में क्रिकेट मैच के विवाद को लेकर दो पक्षों में संघर्ष हो गया। सड़क पर जमकर लाठी-डंडे व ईंट-पत्थर चले जिसमें दोनों पक्षों से छह लोग घायल हुए थे। पुलिस ने घायलों का डॉक्टरी परीक्षण कराकर उनके ही खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई कर दी थी। हालांकि उस दौरान दोनों पक्षों ने घटना की तहरीर दी लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने रिपोर्ट लिखना तो दूर यह कहना शुरू कर दिया कि जब उन्हें तहरीर ही नहीं मिली तो वह क्या कार्रवाई करें।
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अब तीन दिन बीत जाने के बाद सरे बाजार हुए उपद्रव जिसमें छह लोग घायल हुए हों, के मामले में आरोपियों के खिलाफ सिर्फ शांतिभंग की कार्रवाई करना लोगों के गले नहीं उतर रहा। पुलिसिया कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
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जब यह मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा और उन्होंने कड़ा रुख अपनाया तब कोतवाली पुलिस हरकत में आई और पीड़ितों पर तहरीर देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि घटना की किसी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है। यदि तहरीर मिलती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।