फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Correct move by the opposition, the government came under pressure

विपक्ष की सटीक चाल, दबाव में आई सरकार: सीएम योगी ने गोरखपुर कांड पर जनता के सामने स्पष्ट की अपनी बात

Fri, 01 Oct 2021 10:47 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 01 Oct 2021 10:47 AM IST
सार

गोरखपुर कांड में विपक्ष की इस घेरेबंदी का असर रहा कि मुख्यमंत्री को यह कहना पड़ा कि उनके पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से पहले घड़ियाली आंसू बहाने वालों से सावधान रहने की जरूरत है।

विज्ञापन
Correct move by the opposition, the government came under pressure
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

विस्तार

गोरखपुर कांड में चौतरफा घिरी सरकार विपक्ष की घेरेबंदी से असहज नजर आई। शहर की तीन हारी सीटों का चुनावी समीकरण साधने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मनीष गुप्ता हत्याकांड पर सरकार का रुख स्पष्ट करना पड़ा। यह भी बताना पड़ा कि उनके कहने के बाद एफआईआर दर्ज की गई और बुधवार सुबह ही वह पीड़ित परिवार से मिलने की इच्छा जता चुके थे।
विज्ञापन


उनकी यह सफाई कुछ सवाल भी छोड़ गई। दरअसल, मुख्यमंत्री की गुरुवार को शहर में चुनावी सभा थी। उनके शहर पहुंचने से पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार से मिलकर 20 लाख रुपये मदद का एलान किया और प्रदेश सरकार पर सवाल खड़े किए। इससे एक दिन पहले प्रदेश सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की मदद भेजी गई थी। इसे लेने से पीड़ित परिवार ने इनकार कर दिया था।
विज्ञापन


विपक्ष की इस घेरेबंदी का असर रहा कि मुख्यमंत्री को यह कहना पड़ा कि उनके पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से पहले घड़ियाली आंसू बहाने वालों से सावधान रहने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने जनसभा में कहा कि वे बुधवार सुबह ही कानपुर प्रशासन को फोन कर यह कह चुके थे कि वे पीड़ित परिवार से मिलेंगे। मुख्यमंत्री की यह स्वीकारोक्ति सवाल खड़े करती है कि जब वह खुद पीड़ित परिवार से मिलना चाह रहे थे तो जिला प्रशासन ने बुधवार रात तक ऊहापोह की स्थिति क्यों बनाकर रखी?
विज्ञापन
विज्ञापन

पीड़ित परिवार बुधवार सुबह से ही यह मांग कर रहा था कि मुख्यमंत्री से मिले बगैर वह मनीष के शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। जब मुख्यमंत्री ने मिलने का समय तय कर दिया था तो बुधवार को दिनभर पीड़ित परिवार की मान-मनौव्वल क्यों की जाती रही? परिवार को स्पष्ट क्यों नहीं बताया गया कि मुख्यमंत्री खुद मिलने की इच्छा जता चुके हैं।

बुधवार रात 10 बजे तक डीएम और पुलिस कमिश्नर पीड़ित परिवार को बंद कमरे में आखिर क्या समझाते रहे। पीड़ित परिवार को यदि यह बात सही समय पर बता दी जाती तो वे उसी समय शव के अंतिम संस्कार को राजी हो जाते। चर्चा इस बात की है कि बुधवार को शासन देर से तय कर पाया कि पीड़ित परिवार से मिलना है या नहीं?

चूंकि शहर में चुनावी सभा थी, इस वजह से मिलने का निर्णय लेना ही उचित समझा गया। उधर, विपक्ष ने खेल यह कर दिया कि प्रदेश सरकार से ज्यादा मदद पहुंचा दी और मुख्यमंत्री की मुलाकात से पहले ही मिलकर सहानुभूति जता दी। बताते हैं कि चुनावी दौर में पीड़ित परिवार से मिलकर मांगें मानने के अलावा सरकार के पास कोई विकल्प नहीं था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed