Coronavirus: ठीक होने के बाद भी ऑक्सीजन की जरूरत, संक्रमण से फेफड़ों के फूलने-पिचकने की क्षमता घटी
यह भी आशंका है कि कोरोना रोगियों को लंबे समय तक ऑक्सीजन की जरूरत पड़ सकती है। संक्रमण से फेफड़ों में गंभीर डैमेज हो रहा है। बिरहाना रोड के एक कोरोना रोगी ने डॉ. मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल की ओपीडी में इस तरह के लक्षणों के साथ अपनी परेशानी बताई।
साथ ही नौबस्ता, श्याम नगर, चकेरी के पांच रोगी ठीक होने के बाद भी यह लक्षण लेकर आए। डॉक्टरों ने जब चार रोगियों का एक्सरे किया तो आईपीएस जैसे लक्षण दिखे। यह समस्या कब तक रहेगी, विशेषज्ञ इस संबंध में कुछ बता नहीं पा रहे हैं। वैसे पल्मोनरी फाइब्रोसिस को स्थाई किस्म की समस्या माना जाता है।
संक्रमण लेवल अधिक होने से दिक्कत
जिन रोगियों में कोरोना का संक्रमण लेवल अधिक था, उनमें से कुछ में यह दिक्कत हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी बहुत से रोगी दोबारा कोरोना होने के डर से नहीं आ रहे हैं। वे फोन पर ही अपनी समस्या बता रहे हैं। कोरोना काल के बाद इस तरह के रोगियों की संख्या बढ़ेगी।
कोरोना मरीजों के फेफड़ों में आईपीएस जैसी बीमारी हो रही है। इससे फेफड़ों के फूलने-पिचकने की क्षमता कम हो जाती है। फेफड़ों में डैमेज हो रहा है, वे सिकुड़ रहे हैं। इससे मरीजों को ठीक होने के बाद लंबे समय तक ऑक्सीजन लेनी पड़ सकती है।
डॉ. अवधेश कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल