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Coronavirus in UP: आइसोलेशन वॉर्ड में युवक की मौत, स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप, अभी तक नहीं आई जांच रिपोर्ट
Sat, 18 Apr 2020 03:53 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 18 Apr 2020 03:53 PM IST
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जानकारी देते डॉक्टर आरएन गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
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फतेहपुर में जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में शुक्रवार देर रात भर्ती एक मरीज की मौत हो गई। इससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप का माहौल रहा। मरीज को खांसी और सांस फूलने की दिक्कत थी। अभी मरीज की कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं आई है।
26 वर्षीय युवक असोथर थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है। यह दो फरवरी को मुंबई से लौटा था। युवक को खांसी, सांस फूलने और बुखार की शिकायत थी। वह पहले झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करा रहा था। बाद में दिक्कत बढ़ने पर जिला अस्पताल में आया था।
यहां उसे कोरोना के लक्षण जैसी दिक्कत महसूस होने पर आइसोलेशन वॉर्ड में गुरुवार को भर्ती किया गया था। इसके पहले युवक जनरल वॉर्ड में दो दिन रखा गया था। परिजनों ने चिकित्सक पर आरोप लगाया है कि दस मिनट में तीन इंजेक्शन लगा देने से मरीज की मौत हुई है।
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हालांकि दूसरी ओर डॉक्टर आरएन गुप्ता का कहना है कि यह टीबी पेशेंट भी था। खांसी, सांस फूलने की शिकायत को देखते हुए इसका कोरोना टेस्ट भी कराने के लिए शुक्रवार को सैंपल भेजा गया है। अभी तक रिपोर्ट नहीं आ सकी है। लापरवाही का आलम यह रहा कि केवल शव को सैनिटाइज करा कर गांव भेज दिया गया।
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26 वर्षीय युवक असोथर थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है। यह दो फरवरी को मुंबई से लौटा था। युवक को खांसी, सांस फूलने और बुखार की शिकायत थी। वह पहले झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करा रहा था। बाद में दिक्कत बढ़ने पर जिला अस्पताल में आया था।
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यहां उसे कोरोना के लक्षण जैसी दिक्कत महसूस होने पर आइसोलेशन वॉर्ड में गुरुवार को भर्ती किया गया था। इसके पहले युवक जनरल वॉर्ड में दो दिन रखा गया था। परिजनों ने चिकित्सक पर आरोप लगाया है कि दस मिनट में तीन इंजेक्शन लगा देने से मरीज की मौत हुई है।
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हालांकि दूसरी ओर डॉक्टर आरएन गुप्ता का कहना है कि यह टीबी पेशेंट भी था। खांसी, सांस फूलने की शिकायत को देखते हुए इसका कोरोना टेस्ट भी कराने के लिए शुक्रवार को सैंपल भेजा गया है। अभी तक रिपोर्ट नहीं आ सकी है। लापरवाही का आलम यह रहा कि केवल शव को सैनिटाइज करा कर गांव भेज दिया गया।