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कोरोना: दक्षिण अफ्रीका में 18 से शुरू होगा तीसरी लहर का पीक, आईआईटी के प्रोफेसर का दावा
Thu, 09 Dec 2021 12:10 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 09 Dec 2021 12:10 AM IST
सार
कुछ दिन पूर्व ही आईआईटी के वैज्ञानिक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने दावा किया था कि भारत में जनवरी में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। इस दौरान संक्रमण तेजी के साथ फैलेगा और रोजाना डेढ़ लाख केस आ सकते हैं।
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प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल
- फोटो : amar ujala
विस्तार
दक्षिण अफ्रीका में 18 से 23 दिसंबर तक कोरोना की तीसरी लहर पीक पर होगी। यह दावा आईआईटी के वैज्ञानिक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने किया है। उन्होंने बताया कि यह लहर कितनी खतरनाक होगी, कितने लोगों को प्रभावित करेगी, अभी इसका विश्लेषण किया जा रहा है।
प्रो. अग्रवाल ने अपने सूत्र मॉडल से कोरोना की दूसरी लहर की भयावहता का आकलन किया था। उनका कहना है कि दक्षिण अफ्रीका का पूरा डाटा मिल गया है। उसी के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है।
बता दें कि कुछ दिन पूर्व ही उन्होंने दावा किया था कि भारत में जनवरी में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। इस दौरान संक्रमण तेजी के साथ फैलेगा और रोजाना डेढ़ लाख केस आ सकते हैं।
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फरवरी में लहर पीक पर होगी। उन्होंने बताया कि वैक्सीनेशन के अलावा लोगों में नेचुरल इम्यूनिटी भी डेवलप हो गई है। ऐसे में तीसरी लहर दूसरी लहर की तुलना में कम भयावह होगी।
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प्रो. अग्रवाल ने अपने सूत्र मॉडल से कोरोना की दूसरी लहर की भयावहता का आकलन किया था। उनका कहना है कि दक्षिण अफ्रीका का पूरा डाटा मिल गया है। उसी के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है।
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बता दें कि कुछ दिन पूर्व ही उन्होंने दावा किया था कि भारत में जनवरी में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। इस दौरान संक्रमण तेजी के साथ फैलेगा और रोजाना डेढ़ लाख केस आ सकते हैं।
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फरवरी में लहर पीक पर होगी। उन्होंने बताया कि वैक्सीनेशन के अलावा लोगों में नेचुरल इम्यूनिटी भी डेवलप हो गई है। ऐसे में तीसरी लहर दूसरी लहर की तुलना में कम भयावह होगी।