{"_id":"5eceb53a8ebc3e90571a42a2","slug":"corona-ramadevi-news-knp56236045","type":"story","status":"publish","title_hn":"रजा-कोरोना निगेटिव होने के बाद कमजोरी नहीं संक्रमितों को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रजा-कोरोना निगेटिव होने के बाद कमजोरी नहीं संक्रमितों को
विज्ञापन
कानपुर। शहर में कोरोना संक्रमण से ठीक हुए लोगों पर एक और चौंकाने वाला असर दिख रहा है। अमूमन बीमारी से ठीक होने के बाद रोगी को 15 दिनों से एक महीने तक कमजोरी बनी रहती है, लेकिन कोरोना से निगेटिव हुए अधिकतर रोगियों को यह कमजोरी महसूस ही नहीं हो रही है। इसके अलावा युवा सबसे अधिक कोरोना की चपेट में आए और सात दिन के अंदर तेजी से वे ठीक भी हो गए। मजबूत प्रतिरोधक क्षमता की वजह से इन्हें कमजोरी भी नहीं लगी।
कोरोना से अब तक ठीक होकर तीन सौ लोग अपने घर आ चुके हैं। इनमें 27 दिन के बच्चे से लेकर 75 साल के वृद्ध तक शामिल हैं। घर लौटने के बाद वे सामान्य तरीके से रह रहे हैं। कोरोना उन्हें अधिक खोखला नहीं कर पाया। कोरोना का मर्ज ठीक होने के बाद सेहत पर पड़ने वाले प्रभाव को जानने के लिए संवाददाता ने कर्नलगंज हॉटस्पॉट के मो. फुरकान से बात की। फुरकान के परिवार के छह लोग कोरोना संक्रमित हुए थे। उसने बताया कि निगेटिव होने के बाद उसे और उसके परिवार के किसी भी सदस्य को किसी प्रकार की बीमारी वाली कमजोरी महसूस नहीं हुई। वे घर पर सामान्य तरीके से रह रहे हैं। सादा खाना जो डॉक्टरों ने बताया उसे खा रहे हैं। इसी तरह बेकनगंज के एक युवक और उसके 65 वर्षीय पिता कोरोना संक्रमित हुए थे। वे भी ठीक हो गए हैं। युवक का कहना है कि जब संक्रमण हुआ था तो थकान महसूस हो रही थी लेकिन हैलट में भर्ती होने के बाद जब दवाएं शुरू हुईं तो थकान ठीक हो गई। इसके बाद निगेटिव होकर घर आ गए। अब कोई कमजोरी नहीं है। सादा और पौष्टिक खाना ले रहे हैं। बाकी रूटीन सामान्य हो गया है। यही स्थिति हमें कुली बाजार और चमनगंज के कोरोना निगेटिव आ चुके लोगों ने बताई। डॉक्टरों का कहना है कि यह अच्छा संकेत हैं। कमजोरी बनी रहने से रोग का संक्रमण पलटने का खतरा रहता है।
रिकवरी तेजी से हुई
हैलट के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेम सिंह और सीएचसी सरसौल प्रभारी डॉ. सीएल वर्मा का कहना है कि रोगियों के इलाज के वक्त उन्हें पौष्टिक और सादा खाना देने के लिए मल्टी विटामिन आदि की भरपूर डोज दी गई। इससे शरीर में कमजोरी नहीं आ पाई। रिकवरी भी तेज हुई है। रोगियों के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना से अब तक ठीक होकर तीन सौ लोग अपने घर आ चुके हैं। इनमें 27 दिन के बच्चे से लेकर 75 साल के वृद्ध तक शामिल हैं। घर लौटने के बाद वे सामान्य तरीके से रह रहे हैं। कोरोना उन्हें अधिक खोखला नहीं कर पाया। कोरोना का मर्ज ठीक होने के बाद सेहत पर पड़ने वाले प्रभाव को जानने के लिए संवाददाता ने कर्नलगंज हॉटस्पॉट के मो. फुरकान से बात की। फुरकान के परिवार के छह लोग कोरोना संक्रमित हुए थे। उसने बताया कि निगेटिव होने के बाद उसे और उसके परिवार के किसी भी सदस्य को किसी प्रकार की बीमारी वाली कमजोरी महसूस नहीं हुई। वे घर पर सामान्य तरीके से रह रहे हैं। सादा खाना जो डॉक्टरों ने बताया उसे खा रहे हैं। इसी तरह बेकनगंज के एक युवक और उसके 65 वर्षीय पिता कोरोना संक्रमित हुए थे। वे भी ठीक हो गए हैं। युवक का कहना है कि जब संक्रमण हुआ था तो थकान महसूस हो रही थी लेकिन हैलट में भर्ती होने के बाद जब दवाएं शुरू हुईं तो थकान ठीक हो गई। इसके बाद निगेटिव होकर घर आ गए। अब कोई कमजोरी नहीं है। सादा और पौष्टिक खाना ले रहे हैं। बाकी रूटीन सामान्य हो गया है। यही स्थिति हमें कुली बाजार और चमनगंज के कोरोना निगेटिव आ चुके लोगों ने बताई। डॉक्टरों का कहना है कि यह अच्छा संकेत हैं। कमजोरी बनी रहने से रोग का संक्रमण पलटने का खतरा रहता है।
विज्ञापन
रिकवरी तेजी से हुई
हैलट के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेम सिंह और सीएचसी सरसौल प्रभारी डॉ. सीएल वर्मा का कहना है कि रोगियों के इलाज के वक्त उन्हें पौष्टिक और सादा खाना देने के लिए मल्टी विटामिन आदि की भरपूर डोज दी गई। इससे शरीर में कमजोरी नहीं आ पाई। रिकवरी भी तेज हुई है। रोगियों के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ गई।
विज्ञापन