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Corona: ऑक्सीजन 85 फीसदी से नीचे तो निजी अस्पताल नहीं करेंगे भर्ती, लेवल थ्री में पहुंच जाते हैं ऐसे मरीज

Thu, 22 Apr 2021 06:58 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 22 Apr 2021 06:58 AM IST
सार

निजी अस्पतालों की संख्या बढ़ने के बाद भी संक्रमित मरीजों को राहत नहीं मिल पा रही है। दरअसल किसी संक्रमित का ऑक्सीजन लेवल 85 फीसदी से नीचे है तो उसे कोविड स्टेटस पाए किसी भी निजी अस्पताल वाले भर्ती नहीं करेंगे।

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Corona: Private hospitals will not be admitted if oxygen is below 85 percent
कोरोना पॉजिटिव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में कोविड स्टेटस पाए निजी अस्पतालों की संख्या बढ़ने के बाद भी संक्रमित मरीजों को राहत नहीं मिल पा रही है। दरअसल किसी संक्रमित का ऑक्सीजन लेवल 85 फीसदी से नीचे है तो उसे कोविड स्टेटस पाए किसी भी निजी अस्पताल वाले भर्ती नहीं करेंगे। क्योंकि यह स्थिति संक्रमण के लेवल थ्री पर पहुंचने की होती है और निजी अस्पतालों को लेवल टू का ही दर्जा मिला है।
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लेवल थ्री के मरीजों का इलाज फिलहाल हैलट के न्यूरो साइंसेज कोविड अस्पताल में ही हो रहा है। बता देें ऑक्सीजन लेवल 95 प्रतिशत के ऊपर सामान्य माना जाता है। किदवईनगर की रहनी वाली ज्योत्सना (56) का ऑक्सीजन सेच्युरेशन लेवल 50 और 79 फीसदी के बीच था। उनके बच्चे पहले उन्हें लेकर केपीएम गए।
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जांच के बाद बताया गया कि किसी अस्पताल में वेंटिलेटर पर भर्ती कराएं। वे उन्हें लेकर काकादेव पहुंचे। यहां आक्सीजन सेच्युरेशन लेवल देखकर लौटा दिया। इसके बाद न्यू लीलामणी हॉस्पिटल गए, वहां से हैलट रेफर कर दिया गया। यहां भी बेड न मिलने पर परिजन रोगी को लेकर चले गए। रोगी के परिजनों को निजी अस्पतालों ने बताया कि यह लेवल टू का अस्पताल है।
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बुधवार को कोविड अस्पताल का स्टेटस पाए निजी और सरकारी अस्पतालों में चक्कर लगाते करीब 25 रोगी मिले। इनमें सभी का ऑक्सीजन लेवल 50 फीसदी के आसपास रहा है। इन्हें कमांड सेंटर से निजी अस्पतालों को भेजा जरूर गया, लेकिन वहां भी ऑक्सीजन का लेवल देखकर लौटा दिया गया। इसी तरह की स्थिति सरसौल से आए रामेंद्र (62) की थी।

तीमारदार उन्हें अपने वाहन से लेकर दोपहर को हैलट आए। यहां वेंटिलेटर नहीं मिला। ऑक्सीजन सेच्युरेशन 55 फीसदी था। कांशीराम अस्पताल में उन्हें हैलट जाने को कहा गया। यहां स्थिति ठीक न होने के कारण परिजन रोगी को कल्याणपुर के निजी अस्पताल ले गए। यहां उन्हें लेवल थ्री का रोगी बताकर लौटा दिया। 

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. प्रेम सिंह का कहना है कि रोगी बहुत खराब स्थिति में आ रहे हैं। ऑक्सीजन सेच्युरेशन बहुत कम रहता है। ज्यादातर रोगी जो हैलट इमरजेंसी आ रहे हैं, उनमें कोरोना पॉजिटिव निकल रहा है। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि लेवल थ्री के रोगी का हैलट में व्यवस्था की गई है। निजी अस्पताल लेवल टू तक के रोगी भर्ती करेंगे।
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