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धर्मांतरण केस: जांच कमेटी पर साजिश का आरोप, रिटायर्ड पीसीएस अधिकारी समेत 11 पर प्राथमिकी
Sat, 26 Sep 2026 11:51 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 26 Sep 2026 11:51 PM IST
सार
धर्मांतरण केस में पीड़ित पिता ने चैट और इंस्टाग्राम आईडी से छेड़छाड़ व कानूनी कार्रवाई प्रभावित करने का आरोप लगाया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कैंट क्षेत्र में स्थित एक नामचीन स्कूल में छात्र के धर्मांतरण से जुड़े पुराने मुकदमे की जांच के लिए गठित कमेटी पर ही आपराधिक साजिश रचने और कानूनी कार्रवाई को प्रभावित करने के आरोप लगे हैं। छात्र के पिता की शिकायत के बाद कोर्ट के आदेश पर उन्नाव में जांच कमेटी में शामिल रिटायर्ड पीसीएस अधिकारी विक्रमजीत तिवारी, स्कूल के चेयरमैन लारेंस फर्नाडीज वाल्टर डिसिल्वा समेत 11 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें मैनेजर रोशनी सीजे, सोना खान, आलिव रोज क्लेब, रोहित क्लेब, कल्पना दुरई, कृतज्ञ यादव, दीपेंद्र यादव और लोकेश श्रीवास्तव भी नामजद हैं। शुक्रवार को मुकदमा छावनी थाने ट्रांसफर किया गया है। अब मामले की विवेचना कानपुर पुलिस करेगी।
उन्नाव के शुक्लागंज निवासी पीड़ित ने दर्ज प्राथमिकी में बताया कि उनका बेटा छावनी के नामी स्कूल में हाईस्कूल का छात्र था। आरोप है कि उसके साथ शारीरिक संबंध बनाकर शोषण किया गया और डराने-धमकाने व प्रलोभन देकर धर्मांतरण का प्रयास किया गया। छावनी थाने में शिकायत के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। बाद में कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2023 में मुकदमा दर्ज हुआ। तत्कालीन उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम की धारा और पॉक्सो एक्ट की धाराएं लगाई गई थीं।
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उन्नाव के शुक्लागंज निवासी पीड़ित ने दर्ज प्राथमिकी में बताया कि उनका बेटा छावनी के नामी स्कूल में हाईस्कूल का छात्र था। आरोप है कि उसके साथ शारीरिक संबंध बनाकर शोषण किया गया और डराने-धमकाने व प्रलोभन देकर धर्मांतरण का प्रयास किया गया। छावनी थाने में शिकायत के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। बाद में कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2023 में मुकदमा दर्ज हुआ। तत्कालीन उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम की धारा और पॉक्सो एक्ट की धाराएं लगाई गई थीं।
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आरोप है कि पुराने मुकदमे के बाद स्कूल प्रबंधन ने अपने स्तर से जांच कमेटी गठित की। इसमें रिटायर्ड पीसीएस अधिकारी विक्रमजीत तिवारी और अन्य को शामिल किया गया। 20 नवंबर 2023 को कमेटी से जुड़े लोगों को पत्र भेजे गए। इसके बाद 28 नवंबर को स्कूल प्रबंधन की ओर से उनको रजिस्टर्ड डाक से पत्र मिला जिस पर विक्रमजीत तिवारी के हस्ताक्षर और मोबाइल नंबर दर्ज था। उनका दावा है कि उन्होंने उक्त नंबर पर करीब 30 मिनट बातचीत की, जिसकी रिकॉर्डिंग उनके पास है। आरोप है कि उन्हें स्कूल बंद होने के करीब दो घंटे बाद दोपहर तीन बजे बुलाया गया। 18 जनवरी 2024 को स्कूल प्रशासन की ओर से स्पीड पोस्ट के जरिये जांच रिपोर्ट भेजी गई। इसमें उनके आरोपों को खारिज करने के लिए स्कूल से जुड़े लोगों की बातों को आधार बनाया गया जबकि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच नहीं कराई गई।
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पिता ने आरोप लगाया कि एक टीचर की इंस्टाग्राम आईडी से जुड़ी चैट में छेड़छाड़ की गई। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन और जांच कमेटी ने ऐसी जांच रिपोर्ट तैयार की जिससे पुराने मुकदमे की कानूनी कार्रवाई प्रभावित हो। छावनी इंस्पेक्टर अरविंद राय ने बताया कि उन्नाव में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद छावनी ट्रांसफर की गई है। विवेचना शुरू की जाएगी।