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डीआईओएस ने प्रधानाचार्य से कहा- कभी पत्नी बीमार तो कभी बच्चा...गाली-गलौज के साथ ही खिंच गईं आस्तीनें
Mon, 21 Jan 2019 11:37 PM IST
प्रशांत कुमार
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 21 Jan 2019 11:37 PM IST
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डीआईओएस कार्यालय में मामले के बाद एकत्रित लोग
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के कन्नौज जिले में वैवाहिक समारोह में शामिल होने के लिए अवकाश मांगने गए जीआईसी उमर्दा के प्रधानाचार्य को डीआईओएस ने इंकार कर दिया। वाद-विवाद बढ़ा तो कार्यालय के अंदर गाली-गलौज शुरू हो गई। दोनों ओर से आस्तीनें खिंच गईं। मारपीट की नौबत बन गई। कार्यालय के अंदर मौजूद लेखाधिकारी व अन्य बाबुओं ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। डीआईओएस ने प्रधानाचार्य की सेवा पुस्तिका तलब की है। वहीं प्रधानाचार्य ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की है।
राजकीय इंटर कॉलेज फतेहपुर जसोदा के प्रभारी व जीआईसी उमर्दा के प्रधानाचार्य शिवमोहन कुशवाहा सोमवार को डीआईओएस दफ्तर में एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने के लिए अवकाश मांगने आए थे। डीआईओएस को प्रार्थना पत्र देकर उन्होंने एक फरवरी को अवकाश मांगा तो डीआईओएस ने इंकार कर दिया। कहा कि एक फरवरी को ही इलाहाबाद में एक सरकारी कार्य से उन्हें जाना है।
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राजकीय इंटर कॉलेज फतेहपुर जसोदा के प्रभारी व जीआईसी उमर्दा के प्रधानाचार्य शिवमोहन कुशवाहा सोमवार को डीआईओएस दफ्तर में एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने के लिए अवकाश मांगने आए थे। डीआईओएस को प्रार्थना पत्र देकर उन्होंने एक फरवरी को अवकाश मांगा तो डीआईओएस ने इंकार कर दिया। कहा कि एक फरवरी को ही इलाहाबाद में एक सरकारी कार्य से उन्हें जाना है।
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प्रधानाचार्य ने कहा कि पत्नी को बीच में मत लाएं
अवकाश को लेकर वाद-विवाद होने लगा। जोकि गाली-गलौज में तब्दील हो गया। आस्तीनें खिंच गईं, मारपीट की नौबत बन गई। डीआईओएस दफ्तर में मौजूद लेखाधिकारी मो. शफीक अहमद व अन्य बाबुओं ने मामले को शांत कराया। डीआईओएस मदनपाल सिंह का कहना था कि प्रधानाचार्य अवकाश के लिए आए थे। उन्हें सरकारी कार्य से इलाहाबाद जाने के लिए कहकर अवकाश देने से मना कर दिया गया। इसी बात को लेकर वह भड़क गए। गाली-गलौज की बाबत कहा कि जब कोई किसी के कॉलर तक पहुंच जाएगा तो फिर बचाव के लिए तो कुछ तो करना पड़ेगा। कहा कि प्रधानाचार्य की सेवा पुस्तिका मंगाई गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। वह अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरत रहे थे।
इस बाबत प्रधानाचार्य ने कहा कि कनिष्ठ लिपिक विजय प्रताप सिंह ने दूरभाष से जानकारी दी कि डीआईओएस ने बुलाया है। उनके दफ्तर पहुंचकर आकस्मिक अवकाश प्रदान करने के लिए कहा। वह बोले, इलाहाबाद में सरकारी कार्य के लिए जाना है। जब देखो तब गायब रहते हो। इस पर उन्होंने कहा कि अनुमति के बाद ही वह कहीं जाते हैं। इस पर डीआईओएस बोले कि कहीं पत्नी बीमार, कहीं बच्चा बीमार। पत्नी पढ़ी-लिखी है तो उसको ही भेज दो। प्रधानाचार्य ने कहा कि पत्नी को बीच में मत लाएं तो उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज कर दी। इसके बाद कार्यालय से निकाल दिया गया। प्रधानाचार्य ने कहा कि उन्होंने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी से लिखित रूप से की है। संयुक्त शिक्षा निदेशक को मोबाइल पर अवगत कराया है।
इस बाबत प्रधानाचार्य ने कहा कि कनिष्ठ लिपिक विजय प्रताप सिंह ने दूरभाष से जानकारी दी कि डीआईओएस ने बुलाया है। उनके दफ्तर पहुंचकर आकस्मिक अवकाश प्रदान करने के लिए कहा। वह बोले, इलाहाबाद में सरकारी कार्य के लिए जाना है। जब देखो तब गायब रहते हो। इस पर उन्होंने कहा कि अनुमति के बाद ही वह कहीं जाते हैं। इस पर डीआईओएस बोले कि कहीं पत्नी बीमार, कहीं बच्चा बीमार। पत्नी पढ़ी-लिखी है तो उसको ही भेज दो। प्रधानाचार्य ने कहा कि पत्नी को बीच में मत लाएं तो उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज कर दी। इसके बाद कार्यालय से निकाल दिया गया। प्रधानाचार्य ने कहा कि उन्होंने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी से लिखित रूप से की है। संयुक्त शिक्षा निदेशक को मोबाइल पर अवगत कराया है।