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आयकर छापे में 12 करोड़ की ‘ब्लैक मनी’ सरेंडर
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 02 Dec 2016 09:44 AM IST
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आयकर विभाग की टीम ने बुधवार को लखनपुर निवासी कांट्रैक्टर व ट्रीटमेंट प्लांटों के निर्माता एनविराल्ड ग्रुप के मालिक सुधीर त्यागी के ठिकानों पर सर्वे किया। दस्तावेजों की दो दिन तक चली जांच में करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। आयकर अफसरों को कुछ अघोषित संपत्तियों के सबूत भी मिले हैं। बृहस्पतिवार शाम को कांट्रैक्टर की ओर से 12 करोड़ रुपये की ब्लैकमनी सरेंडर कर दी गई।
लखनऊ के प्रधान आयकर आयुक्त (जांच) निर्देश पर कानपुर के ज्वाइंट कमिश्नर अमरेश कुमार तिवारी, असिस्टेंट कमिश्नर वेदप्रकाश व केके मिश्रा की टीम ने बुधवार को सुधीर त्यागी के लखनपुर स्थित कार्यालय पर धावा बोला। सुधीर त्यागी एनविराल्ड ग्रुप के नाम से देश भर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का ठेका लेते हैं। आयकर के सूत्र बताते हैं कि काफी समय से इनके खातों में टैक्स का अंतर पाया जा रहा था।
इसके अलावा ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के अलावा कुछ अन्य तरह के कांट्रैक्ट लिए जाने की सूचना मिली थी। इस आधार पर दस्तावेजों की जांच की गई तो बड़े पैमाने पर अंतर मिला। मजदूरों, कर्मचारियों व इस्तेमाल होने वाली सामग्री के भुगतान में अंतर मिला। सुधीर त्यागी कई निर्माण कांट्रैक्ट का ब्यौरा भी नहीं दे पाए। इस आधार पर दस्तावेजों को जब्त कर जांच की गई। बड़े पैमाने पर अघोषित संपत्ति के सबूत मिलने पर गुरुवार शाम तक कांट्रैक्टर ने 12 करोड़ की राशि सरेंडर कर दी।
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लखनऊ के प्रधान आयकर आयुक्त (जांच) निर्देश पर कानपुर के ज्वाइंट कमिश्नर अमरेश कुमार तिवारी, असिस्टेंट कमिश्नर वेदप्रकाश व केके मिश्रा की टीम ने बुधवार को सुधीर त्यागी के लखनपुर स्थित कार्यालय पर धावा बोला। सुधीर त्यागी एनविराल्ड ग्रुप के नाम से देश भर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का ठेका लेते हैं। आयकर के सूत्र बताते हैं कि काफी समय से इनके खातों में टैक्स का अंतर पाया जा रहा था।
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इसके अलावा ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के अलावा कुछ अन्य तरह के कांट्रैक्ट लिए जाने की सूचना मिली थी। इस आधार पर दस्तावेजों की जांच की गई तो बड़े पैमाने पर अंतर मिला। मजदूरों, कर्मचारियों व इस्तेमाल होने वाली सामग्री के भुगतान में अंतर मिला। सुधीर त्यागी कई निर्माण कांट्रैक्ट का ब्यौरा भी नहीं दे पाए। इस आधार पर दस्तावेजों को जब्त कर जांच की गई। बड़े पैमाने पर अघोषित संपत्ति के सबूत मिलने पर गुरुवार शाम तक कांट्रैक्टर ने 12 करोड़ की राशि सरेंडर कर दी।
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