{"_id":"5de263e88ebc3e54eb2a8c47","slug":"commando-dead-in-truck-collision-in-ghatampur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: ट्रक की टक्कर से कमांडो की मौत, सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: ट्रक की टक्कर से कमांडो की मौत, सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
Sat, 30 Nov 2019 06:22 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 30 Nov 2019 06:22 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घाटमपुर में गौरा गांव के पास शुक्रवार देर शाम तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से बुलेट सवार आर्मी कमांडो हरगोविंद (28) की मौत हो गई। हादसे के वक्त वह अपने पैतृक गांव से चकेरी लौट रहे थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को सैन्य अफसरों के सुपुर्द कर दिया।
घाटमपुर के इस्माईलपुर निवासी जगतपाल का छोटा बेटा हरगोविंद पत्नी निधि और तीन साल की बेटी अनन्या के साथ कानपुर में चकेरी के पटेल नगर में रहते थे। वह विशाखापट्टनम में आरएसएन कमांडो के पद पर तैनात थे। 24 नवंबर को पिता के छत से गिरने पर हरगोविंद घर आया थे।
विज्ञापन
घाटमपुर के इस्माईलपुर निवासी जगतपाल का छोटा बेटा हरगोविंद पत्नी निधि और तीन साल की बेटी अनन्या के साथ कानपुर में चकेरी के पटेल नगर में रहते थे। वह विशाखापट्टनम में आरएसएन कमांडो के पद पर तैनात थे। 24 नवंबर को पिता के छत से गिरने पर हरगोविंद घर आया थे।
विज्ञापन
बड़े भाई रज्जन उर्फ जितेंद्र ने बताया कि पिता का कैंट स्थित आर्मी हॉस्पिटल में इलाज चल ही रहा था कि 26 नवंबर को उनके डेढ़ माह के बेटे की मौत हो गई। सूचना पर हरगोविंद चकेरी से इस्माईलपुर आए थे। शुक्रवार देर शाम वापसी के वक्त गौरा गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक ने उसकी बुलेट में टक्कर मार दी।
हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने हरगोविंद को आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां मौत हो गई। जगतपाल के बताया कि हरगोविंद चार भाइयों रज्जन, राजेश और ब्रजेश में सबसे छोटा था। आर्मी के अफसरों ने परिवार की मौजूदगी में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया।
हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने हरगोविंद को आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां मौत हो गई। जगतपाल के बताया कि हरगोविंद चार भाइयों रज्जन, राजेश और ब्रजेश में सबसे छोटा था। आर्मी के अफसरों ने परिवार की मौजूदगी में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया।