{"_id":"69e3e9e94be399d47a02fb92","slug":"cm-seeks-report-on-pollution-in-ganga-and-pandu-rivers-kanpur-news-c-12-1-knp1063-1494540-2026-04-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: गंगा और पांडु नदी में गंदगी जाने पर सीएम ने मांगी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: गंगा और पांडु नदी में गंदगी जाने पर सीएम ने मांगी रिपोर्ट
विज्ञापन
कानपुर। कागजों में हो रहा बायोरेमेडिएशन पांडु और गंदा हो रही गंदी शीर्षक से अमर उजाला में प्रकाशित खबर का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री के सूचना सेल ने इस संबंध में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह से रिपोर्ट मांगी है। इस पर डीएम ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर जवाब मांगा है।
अमर उजाला में 16 अप्रैल को गंगा और पांडु नदी में गिर रहे नालों के पानी को शोधित करने के लिए नगर निगम की तरफ से कराए जा रहे बायोरेमेडिएशन के नाम पर खानापूरी का मामला प्रकाशित किया गया था। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के आदेश पर अधिशासी अभियंता (पर्यावरण) दिवाकर भास्कर ने 16 अप्रैल को जांच की थी। जांच के नाम पर भी खानापूरी की गई। उन्होंने सिर्फ रानी घाट में बायोरेमेडिएशन कार्य बंद होने का उल्लेख करते हुए ठेकेदार कंपनी पर छह लाख रुपये जुर्माना लगाया जबकि उसी दिन शाम को पड़ताल में शास्त्रीचौक में गंदे नाले का पानी शोधित करने के लिए लगी टंकी खाली होने का खुलासा हुआ था।
बायोरेमेडिएशन के लिए नगर निगम आठ महीने में करीब सात करोड़ रुपये बहा रहा है। पर यहां इन दोनों नदियों के जल की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है। इस पर सीएम ने सख्त रुख अपनाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला में 16 अप्रैल को गंगा और पांडु नदी में गिर रहे नालों के पानी को शोधित करने के लिए नगर निगम की तरफ से कराए जा रहे बायोरेमेडिएशन के नाम पर खानापूरी का मामला प्रकाशित किया गया था। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के आदेश पर अधिशासी अभियंता (पर्यावरण) दिवाकर भास्कर ने 16 अप्रैल को जांच की थी। जांच के नाम पर भी खानापूरी की गई। उन्होंने सिर्फ रानी घाट में बायोरेमेडिएशन कार्य बंद होने का उल्लेख करते हुए ठेकेदार कंपनी पर छह लाख रुपये जुर्माना लगाया जबकि उसी दिन शाम को पड़ताल में शास्त्रीचौक में गंदे नाले का पानी शोधित करने के लिए लगी टंकी खाली होने का खुलासा हुआ था।
विज्ञापन
बायोरेमेडिएशन के लिए नगर निगम आठ महीने में करीब सात करोड़ रुपये बहा रहा है। पर यहां इन दोनों नदियों के जल की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है। इस पर सीएम ने सख्त रुख अपनाया है।
विज्ञापन