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पनकी में शुरू हुई मेन नाले की सफाई
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Thu, 21 Jul 2016 12:44 AM IST
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पनकी साइट नंबर एक पर मेन नाले की जेसीबी से हुई सफाई।
- फोटो : amarujala
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कानपुर। औद्योगिक क्षेत्र पनकी पर बुधवार को नगर निगम की नजरें इनायत हुईं। एक जेसीबी से मेन नाले की सफाई कराई गई। गलियों में भरे पानी और बजबजाती नालियों की सफाई का नंबर अभी भी नहीं आया।
बुधवार का दिन उद्यमियों के लिए थोड़ी राहत लेकर आया। पहले जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त अनिल कुमार का फोन उद्यमियों के पास पहुंचा। समस्या पूछी और बताया कि डीएम साहब जल्द ही फिर निरीक्षण करेंगे। इसके बाद एक-एक कर यहां के काम शुरू कराए जाएंगे। इसके बाद नगर निगम के चीफ इंजीनियर ने एक जेसीबी लगवाकर हाइवे किनारे स्थित मेन नाले की सफाई शुरू कराई। पनकी और दादानगर औद्योगिक क्षेत्र की समस्या दूर करने के लिए युद्ध स्तर पर काम की जरूरत है। पनकी औद्योगिक क्षेत्र पांच हिस्सों में बंटा है और कई किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला है। दर्जनों गलियों में पानी भरा है या फिर कीचड़ हैं। यहां कार, बाइक, पैदल किसी भी तरह से गुजरना आसान नहीं। नगर निगम के चीफ इंजीनियर ने हालात पर काबू पाने के लिए पांच दिन का समय मांगा है।
अमर उजाला ब्यूरो
औद्योगिक क्षेत्र के लिए मांगे सफाई कर्मी
बदइंतजामी से ऊबे उद्यमी अब अपने अधिकारों के लिए सजग हुए हैं। उद्यमियों ने सवाल उठाया कि वे रिहाइशी एरिया से ज्यादा टैक्स देते हैं तो नगर निगम उन्हें नियमित सफाई कर्मी क्यों नहीं देता? यहां की बसावट भी रिहाइशी एरिया की तरह है। नियमित तौर पर हर सुबह औद्योगिक क्षेत्र की नालियों, गलियों और सड़कों की सफाई क्यों नहीं होती?इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पांडेय का कहना है कि इस बार उद्योग बंधु की बैठक में वह इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे। नगर निगम से कई बार कहा जा चुका है लेकिन हल नहीं निकला। औद्योगिक क्षेत्र में नियमित तौर पर सफाई नहीं होती। सिर्फ अधिकारियों के भ्रमण के दौरान या फिर समस्या होने पर ही यहां नगर निगम के सफाई कर्मी आते हैं।
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बुधवार का दिन उद्यमियों के लिए थोड़ी राहत लेकर आया। पहले जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त अनिल कुमार का फोन उद्यमियों के पास पहुंचा। समस्या पूछी और बताया कि डीएम साहब जल्द ही फिर निरीक्षण करेंगे। इसके बाद एक-एक कर यहां के काम शुरू कराए जाएंगे। इसके बाद नगर निगम के चीफ इंजीनियर ने एक जेसीबी लगवाकर हाइवे किनारे स्थित मेन नाले की सफाई शुरू कराई। पनकी और दादानगर औद्योगिक क्षेत्र की समस्या दूर करने के लिए युद्ध स्तर पर काम की जरूरत है। पनकी औद्योगिक क्षेत्र पांच हिस्सों में बंटा है और कई किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला है। दर्जनों गलियों में पानी भरा है या फिर कीचड़ हैं। यहां कार, बाइक, पैदल किसी भी तरह से गुजरना आसान नहीं। नगर निगम के चीफ इंजीनियर ने हालात पर काबू पाने के लिए पांच दिन का समय मांगा है।
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औद्योगिक क्षेत्र के लिए मांगे सफाई कर्मी
बदइंतजामी से ऊबे उद्यमी अब अपने अधिकारों के लिए सजग हुए हैं। उद्यमियों ने सवाल उठाया कि वे रिहाइशी एरिया से ज्यादा टैक्स देते हैं तो नगर निगम उन्हें नियमित सफाई कर्मी क्यों नहीं देता? यहां की बसावट भी रिहाइशी एरिया की तरह है। नियमित तौर पर हर सुबह औद्योगिक क्षेत्र की नालियों, गलियों और सड़कों की सफाई क्यों नहीं होती?इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पांडेय का कहना है कि इस बार उद्योग बंधु की बैठक में वह इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे। नगर निगम से कई बार कहा जा चुका है लेकिन हल नहीं निकला। औद्योगिक क्षेत्र में नियमित तौर पर सफाई नहीं होती। सिर्फ अधिकारियों के भ्रमण के दौरान या फिर समस्या होने पर ही यहां नगर निगम के सफाई कर्मी आते हैं।
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