चित्रकूट: अयोध्या से पहुंची यात्रा का हुआ स्वागत, भरत मिलाप मंदिर में पहुंचे संत-महात्मा
चित्रकूट में बुधवार को अयोध्या की श्रीराम जन्मभूमि की यात्रा पहुंची। भरत मिलाप मंदिर यात्रा में आए लोगों का भव्य स्वागत किया गया। इसी जगह पर वनवास के दौरान भगवान श्रीराम और उनके भाई भरत का मिलाप हुआ था।
कहते हैं कि जहां-जहां पर लक्ष्मण और सीताजी के पैर पड़े वहां पत्थर पिघल गए थे। जिले के कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पर स्थिति भरत मिलाप मंदिर में अयोध्या से आए संतों का स्वागत किया गया। बाद में संतों ने बताया कि चित्रकूट एक बेहद पावन स्थल है।
यहीं से खड़ाऊं लेकर गए थे भरत
मान्यता है कि यहां पर भगवान श्रीराम ने वनवास के 14 सालों में से साढ़े 11 साल यहीं बिताए थे। बाद में उन्हें तलाशने उनके भाई भरत निकले। तो यहीं दोनों लोगों का मिलाप हुआ था। आज भी यहां दोनों के पैरों के निशान देखे जा सकते हैं। भरत जी के लाख समझाने के बाद भी भगवान श्रीराम नहीं माने। उन्होंने वनवास पूरा करने की बात कही। जिसके बाद यहीं से भरत श्रीराम के खड़ाऊं लेकर चले गए थे।