Chitrakoot: सपा विधायक नाहिद हसन जेल से रिहा, समर्थकों ने जताई खुशी
सपा विधायक नाहिद हसन को जेल से रिहा कर दिया गया है। जेल अधीक्षक अशोक कुमार सागर ने कागजों की जांच के बाद उन्हें जेल से छोड़ा। जेल से बाहर आते ही समर्थकों ने जिंदाबाद के नारे लगाए।
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कैराना से सपा विधायक नाहिद हसन की रिहाई का परवाना पहुंचा तो शनिवार की सुबह उन्हें जेल से रिहा किया गया। जेल से बाहर आते ही विधायक ने परिजनों और सपा पदाधिकारियों को गले लगाया। शनिवार की सुबह लगभग साढ़े आठ बजे विधायक की जमानत के कागज लेकर अधिवक्ता और परिजन जिला जेल पहुंचे।
जेल अधीक्षक अशोक कुमार सागर ने कागजों की जांच के बाद उन्हें जेल से छोड़ा। जेल से बाहर आते ही समर्थकों ने जिंदाबाद के नारे लगाए। विधायक नाहिद हसन ने कहा कि प्रदेश सरकार विपक्ष के विधायकों व उनके परिजनों को जानबूझकर परेशान कर रही है। उनका उत्पीड़न इसलिए किया जा रहा है कि वे सरकार के खिलाफ आवाज न उठा सकें।
मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार के इशारे पर जेल और बैरक में उनका उत्पीड़न किया गया। चित्रकूट जेल में भोजन और अन्य सुविधाएं सही तरीके से नहीं मिलीं। परिजनों से मिलने से रोका गया। विधायक की मां तबस्सुम हसन, बहन इकरा हसन के अलावा सपा जिलाध्यक्ष अनुज यादव समेत जिले के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
मीडिया से बदसलूकी
विधायक नाहिद हसन जेल से छूटे तो बाहर मीडियाकर्मी फोटो खींचने और वीडियो बनाने लगे। इस पर उनसे बदसलूकी की गई। उनके परिजनों और समर्थकों ने कुछ मीडियाकर्मियों का मोबाइल फोन और कैमरा छीन लिया। वीडियो डिलीट करने के बाद मोबाइल वापस किए।
ये है मामला
सपा विधायक नाहिद हसन और उनकी मां पूर्व सांसद तबस्सुम हसन सहित 40 लोगों के खिलाफ 21 फरवरी 2021 को गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया गया था। विधानसभा चुनाव से पहले 15 जनवरी 2022 को नाहिद हसन को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें एमपी/एमएलए कोर्ट कैराना में पेश किया गया था। उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर मुजफ्फरनगर जेल भेज दिया गया। 28 सितंबर 2022 को उन्हें मुजफ्फरनगर जेल से चित्रकूट जेल में शिफ्ट कर दिया था। वे चित्रकूट जेल में दो माह से कुछ ज्यादा दिन तक रहे।