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चित्रकूट में दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबने से दो सगी बहनों समेत चार बालिकाओं की मौत, मचा कोहराम
Tue, 14 Sep 2021 07:07 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 14 Sep 2021 07:07 PM IST
सार
यूपी के चित्रकूट जिले में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हुआ। चार बालिकाओं की डूबने से मौत हो गई। इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।
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इसी तालाब में डूबने से चार लड़कियों की मौत हुई
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चित्रकूट जिले में मऊ थानाक्षेत्र के बौसड़ा गांव में तालाब किनारे भैंस चराने गईं पांच बालिकाओं में चार की डूबने से मौत हो गई। जिसमें दो सगी बहनें हैं। किनारे पर मौजूद बालिका ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। जिलाधिकारी ने पीड़ित परिजनों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
मंगलवार की दोपहर को बौसड़ा गांव निवासी सगी बहनें बुधरानी निषाद (12) और पार्वती निषाद (11) पुत्री रामप्रकाश, सविता निषाद (10) पुत्री बृजलाल, गौरी निषाद (12) पुत्री सोनू निषाद व महेवा घाट कौशांबी निवासी किरन निषाद (12) पुत्री जोश कुमार पटोरी रोड के बाइसा तालाब के पास भैंस चराने आईं थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर बाद हल्की बारिश होने पर दो बालिकाएं फिसलकर गिर गईं। बालिका गौरी ने बताया कि कपड़े गंदे होने पर लगभग साढ़े चार बजे सभी तालाब में नहाने लगीं। जिसमें किरन और पार्वती तालाब की गहराई में चली गईं और डूबने लगीं।
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मंगलवार की दोपहर को बौसड़ा गांव निवासी सगी बहनें बुधरानी निषाद (12) और पार्वती निषाद (11) पुत्री रामप्रकाश, सविता निषाद (10) पुत्री बृजलाल, गौरी निषाद (12) पुत्री सोनू निषाद व महेवा घाट कौशांबी निवासी किरन निषाद (12) पुत्री जोश कुमार पटोरी रोड के बाइसा तालाब के पास भैंस चराने आईं थीं।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर बाद हल्की बारिश होने पर दो बालिकाएं फिसलकर गिर गईं। बालिका गौरी ने बताया कि कपड़े गंदे होने पर लगभग साढ़े चार बजे सभी तालाब में नहाने लगीं। जिसमें किरन और पार्वती तालाब की गहराई में चली गईं और डूबने लगीं।
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उन्हें बचाने के लिए बुधरानी व किरन आगे बढ़ीं तो पैर फिसलने पर वह भी गहरे पानी में चलीं गई। गौरी ने कहा कि वह डर गई किसी तरह बाहर निकली और घर जाकर घटना की जानकारी दी। जिस पर परिजन और सैकड़ों ग्रामीण दौड़कर तालाब की ओर पहुंचे।
लगभग दो घंटे के अंदर ग्रामीणों ने ही चारों बालिकाओं को बाहर निकाल लिया और आनन फानन में सीएचसी मऊ लाए। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल व एसपी धवल जायसवाल ने भी पीड़ित परिजनों को ढांढ़स बंधाया और शासकीय सहायता का आश्वासन दिया। पुलिस ने चारों शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम को भेजा है।
सभी कक्षा चार व छह की छात्राएं
इन चारों में बुधरानी व पार्वती सगी बहनें थीं। किरन इनकी मौसी की बेटी थी जो अपनी छोटी बहन काजल के साथ ननिहाल में ही रहकर पढ़ाई करती थी। सविता समेत सभी बौसड़ा गांव निवासी थे। सभी कक्षा पांच व छह की छात्रा थीं।
लगभग दो घंटे के अंदर ग्रामीणों ने ही चारों बालिकाओं को बाहर निकाल लिया और आनन फानन में सीएचसी मऊ लाए। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल व एसपी धवल जायसवाल ने भी पीड़ित परिजनों को ढांढ़स बंधाया और शासकीय सहायता का आश्वासन दिया। पुलिस ने चारों शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम को भेजा है।
सभी कक्षा चार व छह की छात्राएं
इन चारों में बुधरानी व पार्वती सगी बहनें थीं। किरन इनकी मौसी की बेटी थी जो अपनी छोटी बहन काजल के साथ ननिहाल में ही रहकर पढ़ाई करती थी। सविता समेत सभी बौसड़ा गांव निवासी थे। सभी कक्षा पांच व छह की छात्रा थीं।