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बुखार का कहर: स्कूलों में फुल ड्रेस पहनकर जाएंगे बच्चे, फुल ड्रेस न होने पर किसी भी रंग के पूरे कपड़े पहनें
Sun, 05 Sep 2021 12:09 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 05 Sep 2021 12:09 PM IST
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बुखार
- फोटो : pexels.com
कानपुर जिले में डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक रोगों की स्थिति बेकाबू होने पर डीएम आलोक तिवारी ने शनिवार को स्कूली बच्चों के लिए फुल ड्रेस पहनना अनिवार्य कर दिया। बच्चों के पास फुल ड्रेस नहीं है तो वे किसी भी रंग के पूरी आस्तीन के कपड़े पहनकर स्कूल जा सकेंगे।
बीएसए को आदेश दिया है कि स्कूल ड्रेस की बाध्यता लागू नहीं करेंगे। शिकायत मिले तो तत्काल कार्रवाई करें। इसके अलावा सभी सरकारी और निजी स्कूलों में सफाई अभियान शुरू कराएं। विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से फोटोग्राफ व प्रमाणपत्र लें कि उनकी ओर से विद्यालय परिसर, छत व आसपास साफ-सफाई कराई गई है।
यह व्यवस्था बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्चशिक्षा समेत सभी निजी विद्यालयों के लिए है। डीएम आलोक तिवारी ने बताया कि संक्रामक रोगों से निपटने के लिए सात सितंबर तक शहर और गांवों में व्यापक सफाई अभियान चलाने के लिए नगर आयुक्त, एसडीएम और डीपीआरओ को जिम्मेदारी सौंपी है।
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शहर में साफ-सफाई के लिए 81 इलाके चुने गए हैं। इसकी निगरानी के लिए नगर निगम के जोनल अधिकारी, जोनल सफाई अधिकारी, सेनेटरी इंस्पेक्टर एवं जिलास्तरीय अधिकारियों की टीम गठित की गई है। मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी औचक निरीक्षण करेंगे। सिटी मजिस्ट्रेट इसके नोडल अफसर हैं।
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बीएसए को आदेश दिया है कि स्कूल ड्रेस की बाध्यता लागू नहीं करेंगे। शिकायत मिले तो तत्काल कार्रवाई करें। इसके अलावा सभी सरकारी और निजी स्कूलों में सफाई अभियान शुरू कराएं। विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से फोटोग्राफ व प्रमाणपत्र लें कि उनकी ओर से विद्यालय परिसर, छत व आसपास साफ-सफाई कराई गई है।
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यह व्यवस्था बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्चशिक्षा समेत सभी निजी विद्यालयों के लिए है। डीएम आलोक तिवारी ने बताया कि संक्रामक रोगों से निपटने के लिए सात सितंबर तक शहर और गांवों में व्यापक सफाई अभियान चलाने के लिए नगर आयुक्त, एसडीएम और डीपीआरओ को जिम्मेदारी सौंपी है।
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शहर में साफ-सफाई के लिए 81 इलाके चुने गए हैं। इसकी निगरानी के लिए नगर निगम के जोनल अधिकारी, जोनल सफाई अधिकारी, सेनेटरी इंस्पेक्टर एवं जिलास्तरीय अधिकारियों की टीम गठित की गई है। मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी औचक निरीक्षण करेंगे। सिटी मजिस्ट्रेट इसके नोडल अफसर हैं।