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उद्योगों को नई मंजिल: कानपुर की पहली फ्लैटेड इंडस्ट्री को केंद्र की मिली मंजूरी, इसी महीने जारी होगी 12 करोड़ की ग्रांट
Thu, 11 Nov 2021 12:17 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 11 Nov 2021 12:17 PM IST
सार
होजरी कारोबारी अभी शहर के अलग-अलग हिस्सों में एक हजार से 1200 सिलाई की यूनिटें लगाए हुए हैं। अब फ्लैटेड इंडस्ट्री बनने से एक छत के नीचे काम होगा। इसके बाद शहर के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह की इंडस्ट्री लग सकेंगी। इससे होजरी उद्योग संगठित होगा। कारोबार और रोजगार तेजी से बढ़ेगा।
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बलराम नरूला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर में प्रदेश की पहली फ्लैटेड इंडस्ट्री बनने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। शहर के दादा नगर और आगरा के फाउंड्री नगर में बनने वाली फ्लैटेड इंडस्ट्री के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र लखनऊ और फर्रुखाबाद को अपग्रेड करने की मंजूरी केंद्र सरकार ने दी है।
बुधवार को सचिव एमएसएमई, अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल, डीआई मनीष चौहान और यूपीएसआईसी अफसरों के साथ ऑनलाइन बैठक के दौरान इसकी मंजूरी दी गई। दादानगर में 12 करोड़ से एक पांच मंजिला इमारत बनाई जाएगी।
क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत यह पहली मंजूरी है। इसे यूपीएसआईसी द्वारा बनाया जाएगा। इसके लिए 6070 वर्गमीटर जगह भी मिल चुकी है। इस संबंध में यूपीएसआईसी और कोपेस्टेट के बीच सितंबर महीने में लीज डीड फाइनल भी हो चुकी है।
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इसी साल फरवरी में केंद्र सरकार ने इंडस्ट्री के लिए 12 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी थी। अब केंद्र सरकार ने इसकी अंतिम मंजूरी भी दे दी है। सूत्रों ने बताया कि यूपी का यह पहला प्रोजेक्ट है जिसके तहत इस तरह की इंडस्ट्री बनाई जाएगी।
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बुधवार को सचिव एमएसएमई, अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल, डीआई मनीष चौहान और यूपीएसआईसी अफसरों के साथ ऑनलाइन बैठक के दौरान इसकी मंजूरी दी गई। दादानगर में 12 करोड़ से एक पांच मंजिला इमारत बनाई जाएगी।
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क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत यह पहली मंजूरी है। इसे यूपीएसआईसी द्वारा बनाया जाएगा। इसके लिए 6070 वर्गमीटर जगह भी मिल चुकी है। इस संबंध में यूपीएसआईसी और कोपेस्टेट के बीच सितंबर महीने में लीज डीड फाइनल भी हो चुकी है।
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इसी साल फरवरी में केंद्र सरकार ने इंडस्ट्री के लिए 12 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी थी। अब केंद्र सरकार ने इसकी अंतिम मंजूरी भी दे दी है। सूत्रों ने बताया कि यूपी का यह पहला प्रोजेक्ट है जिसके तहत इस तरह की इंडस्ट्री बनाई जाएगी।
दादानगर में सिलाई की 180 यूनिटें लगेंगी। इससे होजरी उद्योग को तकनीक दक्षता मिल सकेगी। बैठक के मिनट्स जारी होने के बाद इसी महीने 12 करोड़ की ग्रांट भी मिल जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
एक छत के नीचे होगा काम
होजरी कारोबारी अभी शहर के अलग-अलग हिस्सों में एक हजार से 1200 सिलाई की यूनिटें लगाए हुए हैं। अब फ्लैटेड इंडस्ट्री बनने से एक छत के नीचे काम होगा। इसके बाद शहर के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह की इंडस्ट्री लग सकेंगी। इससे होजरी उद्योग संगठित होगा। कारोबार और रोजगार तेजी से बढ़ेगा।
एक छत के नीचे होगा काम
होजरी कारोबारी अभी शहर के अलग-अलग हिस्सों में एक हजार से 1200 सिलाई की यूनिटें लगाए हुए हैं। अब फ्लैटेड इंडस्ट्री बनने से एक छत के नीचे काम होगा। इसके बाद शहर के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह की इंडस्ट्री लग सकेंगी। इससे होजरी उद्योग संगठित होगा। कारोबार और रोजगार तेजी से बढ़ेगा।
यह होती है फ्लैटेड इंडस्ट्री
अभी उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को प्लाट दिए जाते थे। इसके बाद वे अपनी इकाई के अनुरूप सेटअप तैयार करते थे। फ्लैटेड इंडस्ट्री में कई मंजिला इमारत बनाई जाती हैं। जिसमें उद्योग के अनुसार आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है। शहर में इस तरह का यह पहला प्रोजेक्ट है। उद्यमी प्रदूषण न फैलाने वाली मशीनों का सेटअप लगा सकेंगे।
अभी उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को प्लाट दिए जाते थे। इसके बाद वे अपनी इकाई के अनुरूप सेटअप तैयार करते थे। फ्लैटेड इंडस्ट्री में कई मंजिला इमारत बनाई जाती हैं। जिसमें उद्योग के अनुसार आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है। शहर में इस तरह का यह पहला प्रोजेक्ट है। उद्यमी प्रदूषण न फैलाने वाली मशीनों का सेटअप लगा सकेंगे।
यह कानपुर के होजरी उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित होगा। होजरी उद्योग तरक्की की नई इबारत लिखेगा। देर से उठाया गया सरकार का बेहद सार्थक कदम है।- बलराम नरूला, एमडी जेट नेट वियर