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टेककृति फेस्ट: सीडीएस जनरल बोले- चीन तकनीक में भले ही आगे पर सेना में भ्रष्टाचार किसी से नहीं छुपा
Thu, 27 Mar 2025 10:12 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 27 Mar 2025 10:12 PM IST
सार
Kanpur News: आईआईटी कानपुर के टेककृति कार्यक्रम में सीडीएस जनरल अनिल चौहान बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। यहां उन्होंने कहा कि चीन तकनीक में भले ही आगे है पर सेना में भ्रष्टाचार किसी से छुपा नहीं है।
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सीडीएस जनरल अनिल चौहान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चीन तकनीक में भले ही आगे हो पर युद्ध इसके साथ नैतिक नेतृत्व, सही रणनीति और प्रशिक्षण से जीते जाते हैं। आज के समय में चीन डीपसीक, सिक्स जी फाइटर प्लेन, साइबर एआई वॉर सहित कई अन्य तकनीक में काफी एडवांस हो गया है। हालांकि उनकी सेना में फैला भ्रष्टाचार किसी से छुपा नहीं है। यह बातें आईआईटी कानपुर के टेककृति कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहीं।
चार दिन के फेस्ट टेककृति की थीम रक्षाकृति हैं। इसमें सीडीएस जनरल ने कहा कि युद्ध के लिए स्वयं को हर दिन मजबूत किया जा रहा है। तकनीक की मदद से मानव रहित हथियार, ड्रोन तैयार हो रहे हैं। पहले युद्ध इंसान और इंसान के बीच होते थे, अब इंसान और मशीन के बीच हो रहे हैं। आने वाले समय में मशीन और मशीन में युद्ध होगा। अब युद्ध का क्षेत्र भी बढ़ गया है। पहले एक क्षेत्र में आमने सामने होते थे, लेकिन अब एक देश बैठे-बैठे दूसरे देश पर हमला कर रहा है। इसे आर्म फोर्स को भी समझना होगा। उन्होंने कहा कि किसी युद्ध की तैयारी से पहले आंकलन और जागरूकता दोनों ही जरूरी है। तीनों सेनाओं के बीच में सामंजस्य बैठाना भी जरूरी है।
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चार दिन के फेस्ट टेककृति की थीम रक्षाकृति हैं। इसमें सीडीएस जनरल ने कहा कि युद्ध के लिए स्वयं को हर दिन मजबूत किया जा रहा है। तकनीक की मदद से मानव रहित हथियार, ड्रोन तैयार हो रहे हैं। पहले युद्ध इंसान और इंसान के बीच होते थे, अब इंसान और मशीन के बीच हो रहे हैं। आने वाले समय में मशीन और मशीन में युद्ध होगा। अब युद्ध का क्षेत्र भी बढ़ गया है। पहले एक क्षेत्र में आमने सामने होते थे, लेकिन अब एक देश बैठे-बैठे दूसरे देश पर हमला कर रहा है। इसे आर्म फोर्स को भी समझना होगा। उन्होंने कहा कि किसी युद्ध की तैयारी से पहले आंकलन और जागरूकता दोनों ही जरूरी है। तीनों सेनाओं के बीच में सामंजस्य बैठाना भी जरूरी है।
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विकसित के साथ सुरक्षित भारत बनाने की आवश्यकता
सीडीएस जनरल ने कहा कि 2047 में विकसित भारत का सपना देखा गया है। इसके साथ-साथ सुरक्षित भारत बनाने की भी आवश्यकता है। बिना तकनीक के सुरक्षा के कोई मायने नहीं हैं। मैं स्वयं भी तकनीक में पूर्ण रूप से दक्ष होने के लिए हर समय सीखता रहता हूं। देश को सुरक्षित, विकसित बनाने की आवश्यकता में सभी का योगदान चाहिए। उन्होंने कहा कि युद्ध हमेशा महंगा होता है। आर्थिक नुकसान के साथ जवानों और आम लोगों की जान भी जाती है। सेना में सफल होने का क्रेडिट अकेले नहीं लिया जा सकता है। सेना एक टीम वर्क है और हमेशा टीम ही जीतती है।
सीडीएस जनरल ने कहा कि 2047 में विकसित भारत का सपना देखा गया है। इसके साथ-साथ सुरक्षित भारत बनाने की भी आवश्यकता है। बिना तकनीक के सुरक्षा के कोई मायने नहीं हैं। मैं स्वयं भी तकनीक में पूर्ण रूप से दक्ष होने के लिए हर समय सीखता रहता हूं। देश को सुरक्षित, विकसित बनाने की आवश्यकता में सभी का योगदान चाहिए। उन्होंने कहा कि युद्ध हमेशा महंगा होता है। आर्थिक नुकसान के साथ जवानों और आम लोगों की जान भी जाती है। सेना में सफल होने का क्रेडिट अकेले नहीं लिया जा सकता है। सेना एक टीम वर्क है और हमेशा टीम ही जीतती है।
यूक्रेन ने बदला युद्ध का स्वरूप
यूक्रेन ने युद्ध का स्वरूप ही बदल दिया है। पहले कल के हथियारों से आज की लड़ाई लड़ी जाती थी, लेकिन यूक्रेन ने आने वाले कल के हथियारों से आज का युद्ध लड़ा है। यानी एडवांस तकनीक ही हमें मजबूती दे सकती है। पहले जहां हथियारों को स्टोर करके रखा जाता था, आज के दौर में जब तकनीक हर पल बदल रही है, ऐसा नहीं कर सकते हैं। हमेशा अपडेट रहने की जरूरत है।
इनोवेशन से दुनिया को सिखाएं : प्रो. मणींद्र
कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान आईआईटी निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि दूसरे की तकनीक को कॉपी करने की कोशिश न करें। स्वयं ऐसी नवीनतम प्रौद्योगिकी बनाएं कि लोग उसे कॉपी करें। इनोवेशन ही आने वाले समय की मांग है, जिस पर काम करने की आवश्यकता है। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी हुई। डांस ग्रुप ने गणेश वंदना व रामभजन पर नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं, मेरा मुर्शिद खेले होली कव्वाली ने सभी को मंत्रमुग्ध किया। मौके पर उप निदेशक प्रो. बृजभूषण, प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय सहित अन्य मौजूद रहे।
यूक्रेन ने युद्ध का स्वरूप ही बदल दिया है। पहले कल के हथियारों से आज की लड़ाई लड़ी जाती थी, लेकिन यूक्रेन ने आने वाले कल के हथियारों से आज का युद्ध लड़ा है। यानी एडवांस तकनीक ही हमें मजबूती दे सकती है। पहले जहां हथियारों को स्टोर करके रखा जाता था, आज के दौर में जब तकनीक हर पल बदल रही है, ऐसा नहीं कर सकते हैं। हमेशा अपडेट रहने की जरूरत है।
इनोवेशन से दुनिया को सिखाएं : प्रो. मणींद्र
कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान आईआईटी निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि दूसरे की तकनीक को कॉपी करने की कोशिश न करें। स्वयं ऐसी नवीनतम प्रौद्योगिकी बनाएं कि लोग उसे कॉपी करें। इनोवेशन ही आने वाले समय की मांग है, जिस पर काम करने की आवश्यकता है। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी हुई। डांस ग्रुप ने गणेश वंदना व रामभजन पर नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं, मेरा मुर्शिद खेले होली कव्वाली ने सभी को मंत्रमुग्ध किया। मौके पर उप निदेशक प्रो. बृजभूषण, प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय सहित अन्य मौजूद रहे।