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सीबीआई ने पकड़े घूसखोर अफसर-टीचर
अमर उजाला ब्यूूराो
Updated Sun, 27 Mar 2016 01:59 AM IST
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आरोपी डीएमएसआरडीई अफसर मिलनकांत और विद्यालय की प्रिंसिपल।
- फोटो : amarujala
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चकेरी के केंद्रीय विद्यालय-दो (केवी-टू) की प्रिंसिपल गीता द्विवेदी के पति डिफेंस मैटेरियल्स एंड स्टोर्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टेब्लिशमेंट (डीएमएसआरडीई) के टेक्निकल ऑफीसर मिलनकांत और विद्यालय के संविदा टीचर पंकज तोमर को सीबीआई एंटी करप्शन विंग की टीम ने शनिवार को घूस लेते गिरफ्तार किया है। दोनों केवी-टू में संविदा पर योगा टीचर की भर्ती के लिए एक महिला अभ्यर्थी से 15 हजार रुपये घूस ले रहे थे।
सीबीआई टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर पुराना रेलवे स्टेशन परिसर स्थित रेलवे अधिकारी विश्रामालय लाकर पूछताछ की। इसके बाद प्रिंसिपल ऑफिस, घर और पंकज के घर की तलाशी ली। टीम ने संविदा भर्ती से जुड़े दस्तावेज समेत कई कागजात प्रिंसिपल के दफ्तर से कब्जे में लिए हैं। सीबीआई सूत्रों का कहना है कि छानबीन में कई और केंद्रीय विद्यालय जांच के दायरे में आए हैं, जहां संविदा टीचरों के भर्ती के नाम पर रिश्वत ली गई है। जांच की जा रही है। बर्रा निवासी वंदना शुक्ला ने केंद्रीय विद्यालय-दो में संविदा पर योगा टीचर/ कोच के लिए आवेदन किया था। 16 मार्च को इंटव्यू हुआ।
बाद में विद्यालय के संविदा स्पोर्ट्स टीचर अहिरवां निवासी पंकज तोमर ने वंदना के मोबाइल पर फोन करके कहा कि नौकरी पाना है तो 25 हजार रुपये देना होगा। वंदना के गुजारिश करने पर मामला 15 हजार रुपये में सेट हुआ। उधर, वंदना ने लखनऊ स्थित सीबीआई एंटी करप्शन विंग में इसकी शिकायत दर्ज करा दी। टीम ने शुक्रवार को शिकायत का सत्यापन किया और इसके बाद पंकज को दबोचने की योजना बनाई।
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शनिवार सुबह सीबीआई इंस्पेक्टर अतुल दीक्षित, प्रभाकर त्रिपाठी और संदीप पांडेय की अगुवाई में नौ सदस्यीय टीम कानपुर आई और वंदना से पंकज की मोबाइल पर बात कराई गई। तय योजना के अनुसार दोपहर में 12 बजे के करीब पंकज ने वंदना को एयरफोर्स गेट पर बुलाया। वंदना स्कूटी से वहां पहुंची। थोड़ी देर बाद फार्चूनर कार से पंकज और मिलनकांत वहां पहुंच गए।
पंकज ने मिलनकांत का परिचय दिया और घूस की रकम लेकर पैंट में छिपा ली। इसी दौरान सीबीआई टीम वहां पहुंची और पंकज व मिलनकांत को गिरफ्तार कर लिया। टीम ने घूस की रकम बरामद कर ली और कार को कब्जे में लिया। सीबीआई टीम देर रात दोनों को लखनऊ ले गई। रविवार को इन्हें सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा।
केंद्रीय विद्यालय में संविदा टीचर की भर्ती के लिए दो तरीके से घूस ली जाती है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार संविदा टीचर से साल भर के वेतन का 30 फीसदी एक बार में या फिर प्रतिमाह 5 हजार रुपये वसूला जाता है। पीड़ित वंदना शुक्ला ने इसके पहले शहर के दो और केंद्रीय विद्यालयों में योगा टीचर के लिए आवेदन किया था। वहां भी इंटरव्यू में पास होने के बाद उससे घूस मांगी गई थी। उसने इन विद्यालयों के कर्मचारियों से हुई बातचीत की रिकार्डिंग भी सीबीआई को सौंपी है।
रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद केवी-2 विद्यालय की प्रिंसिपल का पति मिलनकांत रक्षा विभाग का अफसर बताकर सीबीआई टीम पर रौंब गांठने लगा। लेकिन सीबीआई दोनों को दबोचकर जीटी रोड स्थित पुराना रेलवे स्टेशन परिसर में बने अधिकारी विश्रामालय में ले गई।
मिलन ने अपनी फार्चूनर कार की नंबर प्लेट और शीशे पर रक्षा मंत्रालय और आर्मी दोनों लिखा रखा है। सीबीआई को यह भी मालूम हुआ है कि पकड़ा गया टीचर पंकज चार साल से विद्यालय में नौकरी कर रहा है लेकिन उसके पास मानक के मुताबिक योग्यता नहीं है।
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सीबीआई टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर पुराना रेलवे स्टेशन परिसर स्थित रेलवे अधिकारी विश्रामालय लाकर पूछताछ की। इसके बाद प्रिंसिपल ऑफिस, घर और पंकज के घर की तलाशी ली। टीम ने संविदा भर्ती से जुड़े दस्तावेज समेत कई कागजात प्रिंसिपल के दफ्तर से कब्जे में लिए हैं। सीबीआई सूत्रों का कहना है कि छानबीन में कई और केंद्रीय विद्यालय जांच के दायरे में आए हैं, जहां संविदा टीचरों के भर्ती के नाम पर रिश्वत ली गई है। जांच की जा रही है। बर्रा निवासी वंदना शुक्ला ने केंद्रीय विद्यालय-दो में संविदा पर योगा टीचर/ कोच के लिए आवेदन किया था। 16 मार्च को इंटव्यू हुआ।
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बाद में विद्यालय के संविदा स्पोर्ट्स टीचर अहिरवां निवासी पंकज तोमर ने वंदना के मोबाइल पर फोन करके कहा कि नौकरी पाना है तो 25 हजार रुपये देना होगा। वंदना के गुजारिश करने पर मामला 15 हजार रुपये में सेट हुआ। उधर, वंदना ने लखनऊ स्थित सीबीआई एंटी करप्शन विंग में इसकी शिकायत दर्ज करा दी। टीम ने शुक्रवार को शिकायत का सत्यापन किया और इसके बाद पंकज को दबोचने की योजना बनाई।
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शनिवार सुबह सीबीआई इंस्पेक्टर अतुल दीक्षित, प्रभाकर त्रिपाठी और संदीप पांडेय की अगुवाई में नौ सदस्यीय टीम कानपुर आई और वंदना से पंकज की मोबाइल पर बात कराई गई। तय योजना के अनुसार दोपहर में 12 बजे के करीब पंकज ने वंदना को एयरफोर्स गेट पर बुलाया। वंदना स्कूटी से वहां पहुंची। थोड़ी देर बाद फार्चूनर कार से पंकज और मिलनकांत वहां पहुंच गए।
पंकज ने मिलनकांत का परिचय दिया और घूस की रकम लेकर पैंट में छिपा ली। इसी दौरान सीबीआई टीम वहां पहुंची और पंकज व मिलनकांत को गिरफ्तार कर लिया। टीम ने घूस की रकम बरामद कर ली और कार को कब्जे में लिया। सीबीआई टीम देर रात दोनों को लखनऊ ले गई। रविवार को इन्हें सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा।
केंद्रीय विद्यालय में संविदा टीचर की भर्ती के लिए दो तरीके से घूस ली जाती है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार संविदा टीचर से साल भर के वेतन का 30 फीसदी एक बार में या फिर प्रतिमाह 5 हजार रुपये वसूला जाता है। पीड़ित वंदना शुक्ला ने इसके पहले शहर के दो और केंद्रीय विद्यालयों में योगा टीचर के लिए आवेदन किया था। वहां भी इंटरव्यू में पास होने के बाद उससे घूस मांगी गई थी। उसने इन विद्यालयों के कर्मचारियों से हुई बातचीत की रिकार्डिंग भी सीबीआई को सौंपी है।
रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद केवी-2 विद्यालय की प्रिंसिपल का पति मिलनकांत रक्षा विभाग का अफसर बताकर सीबीआई टीम पर रौंब गांठने लगा। लेकिन सीबीआई दोनों को दबोचकर जीटी रोड स्थित पुराना रेलवे स्टेशन परिसर में बने अधिकारी विश्रामालय में ले गई।
मिलन ने अपनी फार्चूनर कार की नंबर प्लेट और शीशे पर रक्षा मंत्रालय और आर्मी दोनों लिखा रखा है। सीबीआई को यह भी मालूम हुआ है कि पकड़ा गया टीचर पंकज चार साल से विद्यालय में नौकरी कर रहा है लेकिन उसके पास मानक के मुताबिक योग्यता नहीं है।