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मेडिकल कॉलेज में सीबीआई का छापा

Thu, 12 May 2016 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Thu, 12 May 2016 01:00 AM IST
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CBI raids at medical college
रमेश शिवहरे - फोटो : amarujala
कानपुर। व्यापम घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने बुधवार सुबह जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में छापा मारा। टीम ने प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार से काफी देर तक पूछताछ की और दो स्टूडेंटों का रिकॉर्ड ले लिया। दोनों स्टूडेंटों पर व्यापम में सॉल्वर के रूप में शामिल होने का शक है। सीबीआई छापे के बाद कॉलेज प्रशासन ने चुप्पी साध ली है। कॉलेज के जिम्मेदार कुछ भी बोलने से बचते रहे।
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सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम सुबह 10ः15 बजे कॉलेज पहुंच गई। उस समय कॉलेज में कोई जिम्मेदार मौजूद नहीं था। सीबीआई के छापे की सूचना मिलते ही प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार कॉलेज पहुंचे। टीम ने प्रिंसिपल से काफी देर तक पूछताछ की। सूत्रों का कहना है कि प्रिंसिपल से आरोपी स्टूडेंटों के बारे में जानकारी ली गई। सीबीआई ने कॉलेज प्रशासन से व्यापम घोटाले में सहयोग को भी कहा।
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अरविंद पर रही सरगर्मी
सीबीआई के आने की जानकारी के बाद कॉलेज प्रशासन करीब एक महीने से लापता एमबीबीएस फाइनल ईयर स्टूडेंट अरविंद पुरी की तलाश में जुटा रहा। सीबीआई का नोटिस मिलने के बाद से ही अरविंद गायब है। सूत्रों का कहना है कि अरविंद कॉलेज में ही है लेकिन कॉलेज प्रशासन उसके खिलाफ न तो अनुशासनात्मक कार्रवाई कर रहा है और न ही उसे सीबीआई के पास भेज रहा है।
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बचते रहे जिम्मेदार
सीबीआई छापा और लापता स्टूडेंट अरविंद पुरी के संबंध में जानकारी के लिए छात्र प्रभारी प्रो. सीमा निगम को कॉल की गई लेकिन उन्होंने न तो फोन रिसीव किया और न ही मैसेज का जवाब दिया। प्रिंसिपल को मैसेज करने पर उन्होंने मीडिया प्रभारी से बात करने को कहा। मीडिया प्रभारी का कहना है कि छात्र प्रभारी का मोबाइल स्विच ऑफ होने के कारण कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने कहा कि दो स्टूडेंटों का रिकार्ड मांगा गया है यह मामला मेरे कार्यकाल के पहले का है। पूछताछ जैसी कोई बात नहीं है।
रमेश ने एमपी भेजे थे 40 सॉल्वर
कानपुर। व्यापम घोटाले में गिरफ्तार प्रदेश के मोस्ट वांटेड रमेश शिवहरे ने सीबीआई की पूछताछ में बताया कि उसने 40 सॉल्वर परीक्षा के लिए मथ्य प्रदेश भेजे थे। रमेश महोबा की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंशू शिवहरे का पति है। कुछ दिन पहले सीबीआई और यूपी एसटीएफ ने कल्याणपुर के आवास विकास नंबर तीन से उसे गिरफ्तार किया था। भोपाल में बुधवार को सीबीआई कोर्ट ने रमेश की दो दिन की रिमांड और बढ़ा दी है। सीबीआई सूत्रों का कहना है कि रमेश ने सॉल्वर बैठाने के एवज में तीन से चार लाख रुपये लेने की बात स्वीकारी है। रमेश के खिलाफ मध्य प्रदेश के छह थानों में रिपोर्ट दर्ज है। जबलपुर पुलिस ने उस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। रमेश की स्वीकारोक्ति के बाद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में 2012 बैच के एमबीबीएस स्टूडेंट अरविंद पुरी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अरविंद भी महोबा का रहने वाला है। इधर, सीबीआई ने बाराबंकी के डॉ. नंदलाल की तलाश तेज कर दी है।

दवा सप्लायर भाइयों ने जमा कराए एक करोड़
गाजियाबाद(ब्यूरो)। एनआरएचएम घोटाले में फंसे कानपुर के दवा सप्लायर दो भाइयों ने बुधवार को सीबीआई कोर्ट में एक करोड़ रुपये जमा कराए। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को 26 अप्रैल को राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली थी। साथ ही उन पर शर्त लगाई थी कि दोनों को सीबीआई कोर्ट में 50-50 लाख रुपये जमा कराने होंगे। कानपुर के दवा सप्लायर प्रदीप कुमार टंडन और अनूप टंडन अपने अधिवक्ता के साथ बुधवार सुबह सीबीआई विशेष कोर्ट पहुंचे और सुप्रीम कोर्ट का आदेश प्रस्तुत किया। सीबीआई विशेष न्यायाधीश का स्थानांतरण होने के चलते मामले की फाइल एडीजे-फर्स्ट संतोष कुमार पांडेय की कोर्ट में पेश की गई। इसके बाद न्यायाधीश के आदेश पर आरोपियों द्वारा बनवाए गए 50-50 लाख रुपये के बैंक ड्राफ्ट जमा कर लिए गए।
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