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कानपुर: अगरबत्ती फैक्ट्री में लगी भीषण आग, छह से अधिक झुलसे, मची चीख-पुकार
Mon, 13 May 2019 12:11 AM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 13 May 2019 12:11 AM IST
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अगरबत्ती-धूपबत्ती फैक्ट्री में लगी भीषण आग
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के जाजमऊ बालू घाट में स्थित धूप व अगरबत्ती बनाने की फैक्ट्री में रविवार को तेज धमाके के साथ बॉयलर फट गया। इससे लगी आग की चपेट में आने से पांच कर्मचारी झुलस गए। पांचों कर्मचारियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों की मदद से करीब एक घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका।
फैक्ट्री बुढ़िया घाट निवासी नियाजउल्ला की है। रविवार शाम करीब चार बजे कर्मचारी काम में लगे थे। तभी तेज धमाके के साथ बॉयलर फट गया। यहां लकड़ी के बुरादे का इस्तेमाल होता है। इस कारण आग लग गई। इसकी चपेट में आने से मल्लावां हरदोई निवासी गंगाधर (34), प्यौंदी जाजमऊ निवासी अभिषेक सिंह (21), उसका भाई मनोज (20), भभुआ बाजार गोंडा निवासी झालू (38), वहनियां नर्वल के सत्येंद्र (50) झुलस गए। धमाके और कर्मचारियों की चीख सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी। पुलिस ने झुलसे कर्मचारियों को रामादेवी स्थित कांशीराम ट्रामा सेंटर भेजा। यहां से तीन को हैलट रेफर कर दिया गया। उधर तेज हवा चलने की वजह से पास के खाली प्लाट में पड़े कूड़े में आग लग गई।
गंगा नदी तक गए टुकड़े
धमाका इतनी तेज था कि बॉयलर और टीन शेड के टुकड़े 45 मीटर दूर तक जाकर गिरे। ये टुकड़े गंगा नदी व उसके आसपास फैल गए। फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारी रोमी ने बताया कि धमाके के चलते वे चारपाई से जमीन पर गिर गए। हालांकि कमरे में होने की वजह से उन्हें चोट नहीं आई है।
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लपटों से होते हुए अंदर पहुंचे सिपाही, घायलों को निकाला
हादसे के बाद आसपास के लोग बचाव कार्य में जुट गए, लेकिन झुलसे कर्मचारियों को किसी ने उठाने की जहमत नहीं की। पीआरवी 412 के सिपाही लालू, सुमित, मन्नू लाल और पीआरवी 418 के मुनेश्वर सिंह, दिलीप कुमार और मूलचंद्र लपटों के बीच से होते हुए फैक्ट्री के भीतर पहुंचे और झुलसे कर्मचारियों को बाहर लाए।
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फैक्ट्री बुढ़िया घाट निवासी नियाजउल्ला की है। रविवार शाम करीब चार बजे कर्मचारी काम में लगे थे। तभी तेज धमाके के साथ बॉयलर फट गया। यहां लकड़ी के बुरादे का इस्तेमाल होता है। इस कारण आग लग गई। इसकी चपेट में आने से मल्लावां हरदोई निवासी गंगाधर (34), प्यौंदी जाजमऊ निवासी अभिषेक सिंह (21), उसका भाई मनोज (20), भभुआ बाजार गोंडा निवासी झालू (38), वहनियां नर्वल के सत्येंद्र (50) झुलस गए। धमाके और कर्मचारियों की चीख सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी। पुलिस ने झुलसे कर्मचारियों को रामादेवी स्थित कांशीराम ट्रामा सेंटर भेजा। यहां से तीन को हैलट रेफर कर दिया गया। उधर तेज हवा चलने की वजह से पास के खाली प्लाट में पड़े कूड़े में आग लग गई।
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गंगा नदी तक गए टुकड़े
धमाका इतनी तेज था कि बॉयलर और टीन शेड के टुकड़े 45 मीटर दूर तक जाकर गिरे। ये टुकड़े गंगा नदी व उसके आसपास फैल गए। फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारी रोमी ने बताया कि धमाके के चलते वे चारपाई से जमीन पर गिर गए। हालांकि कमरे में होने की वजह से उन्हें चोट नहीं आई है।
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लपटों से होते हुए अंदर पहुंचे सिपाही, घायलों को निकाला
हादसे के बाद आसपास के लोग बचाव कार्य में जुट गए, लेकिन झुलसे कर्मचारियों को किसी ने उठाने की जहमत नहीं की। पीआरवी 412 के सिपाही लालू, सुमित, मन्नू लाल और पीआरवी 418 के मुनेश्वर सिंह, दिलीप कुमार और मूलचंद्र लपटों के बीच से होते हुए फैक्ट्री के भीतर पहुंचे और झुलसे कर्मचारियों को बाहर लाए।