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अमेरिका के नागरिकों से ठगी का मामला: विज्ञापन कंपनियों के एजेंटों से थी मिलीभगत, ठगी का तरीका जानकर चौंक जाएंगे

Fri, 16 Jul 2021 09:49 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Fri, 16 Jul 2021 09:49 AM IST
सार

क्राइम ब्रांच ने मंगलवार रात काकादेव के नवीन नगर में फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया था। कॉल सेंटर संचालक मुनेंद्र शर्मा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

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Case of fraud from US citizens and companies
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कॉल सेंटर की आड़ में अमेरिकी नागरिकों और कंपनियों से ठगी करने वाले हाईटेक साइबर ठगों के एजेंट अमेरिका में भी मौजूद हैं। ये एजेंट अलग-अलग विज्ञापन कंपनियों से जुड़े हैं। यही लोग वहां के सर्वर पर विज्ञापन फ्लैश कराते थे।
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इसका पूरा डाटा कानपुर और नोएडा के कॉल सेंटर में बैठे लोगों के पास मौजूद रहता था। जैसे ही सर्वर के विज्ञापन को कोई क्लिक करता था, उसका डाटा हैक हो जाता था। इसके बाद ठगी को अंजाम देने का काम यहां बैठे शातिरों का रहता था। 
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क्राइम ब्रांच ने मंगलवार रात काकादेव के नवीन नगर में फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया था। कॉल सेंटर संचालक मुनेंद्र शर्मा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। गिरोह ने एक साल में अमेरिका के 12 हजार लोगों से तकरीबन नौ करोड़ रुपये की ठगी की।
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जब क्राइम ब्रांच ने ये पता करने का प्रयास किया कि आखिर अमेरिका के लोगों को ही निशाना क्यों बनाया गया। तब पता चला कि मुनेंद्र व उसके साथियों की अमेरिका की विज्ञापन एजेंसियों के एजेंट से तगड़ी पैठ है। इसी वजह से ये लोग अमेरिका के लोगों को आसानी से शिकार बना लेते थे। 

डाटा भी खरीदते थे ठग 
साइबर ठगों ने जिन एजेंट की मदद से अमेरिका में हजारों लोगों को निशाना बनाया, उनसे ये डाटा भी खरीदते थे। दरअसल एजेंट के पास तमाम लोगों का डाटा रहता है। लोगों का नाम, पता, मोबाइल नंबर और सबसे महत्वपूर्ण आईपी एड्रेस तक दे देते थे। इसकी मदद से कानपुर व नोएडा से उनके सिस्टम में वायरस डाल देते थे। इसके बाद एंटी वायरस के नाम पर उनसे ठगी करते थे।

ग्राहकों से संपर्क करने की प्रक्रिया शुरू 
अमेरिका के जो लोग ठगी का शिकार हुए, क्राइम ब्रांच ने उनमें से कुछ लोगों से संपर्क करने का प्रयास शुरू कर दिया है। इसके लिए एंबेसी में पूरे मामले की जानकारी दी गई है। पूरा विवरण तथ्यों के साथ ई-मेल किया गया है। इसमें उन लोगों को शामिल किया गया है, जिनके साथ बड़ी ठगी हुई। दरअसल क्राइम ब्रांच इन लोगों के बयान ऑनलाइन दर्ज करेगी। इसके बाद बयान कोर्ट में पेश करेगी।

एजेंट में कुछ भारतीय भी
अमेरिका में जो लोग ठगों के परिचित हैं, उनमें कुछ भारतीय भी हैं। आशंका ये भी है कि मुनेंद्र शर्मा या अन्य किसी आरोपी के दोस्त या परिचित भी वहां एजेंट हो सकते हैं। विस्तृत जानकारी क्राइम ब्रांच जुटा रही है। तमाम संदिग्ध मोबाइल नंबर जुटाए गए हैं, जिनकी सीडीआर खंगाली जा रही है। आरोपियों के पास से बरामद हार्ड डिस्क, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व डाटा का फोरेंसिक लैब में परीक्षण कराया जाएगा।
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