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गे-एप से युवकों को ठगने का मामला: कोचिंग मंडी में जाल फैला रखने की आशंका, अब खंगाले जा रहे हैं बैंक अकाउंट

Thu, 10 Aug 2023 05:54 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 10 Aug 2023 05:54 AM IST
सार

Kanpur Crime: एडीसीपी लाखन यादव ने बताया कि समाज में हर शख्स अपनी इज्जत बनाना चाहता है। ऐसे में जब वह किसी गलत कार्य में संलिप्त हो जाता है तो आरोपी छात्र जैसे लोग इसका फायदा उठाने से पीछे नहीं हटते।

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Case of cheating youths with gay app, There is a possibility of spreading the trap in the coaching market
GAY Dating App - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में  सभी छह छात्रों को पुलिस ने पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है। साथ ही उनके गिरोह में इन्हीं छह लोगों के शामिल होने का दावा किया है। हालांकि, पुलिस को काकादेव कोचिंग मंडी में भी जाल फैला रखने की आशंका है। इसकी पुष्टि के लिए आरोपी छात्रों के मोबाइल फोन की सीडीआर खंगाली जा रही।

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वहीं, उनके बैंक खातों की डिटेल पता करने के लिए पुलिस की ओर से बैंकों को पत्र जारी किया जाएगा। एडीसीपी वेस्ट लाखन यादव ने बताया कि खातों की डिटेल से हो सकेगा कि उन्होंने कितने लोगों से और कितने रुपयों की वसूली की है। उन्होंने अन्य पीड़ितों से भी अपनी पहचान छिपाकर सामने आने की अपील की है।
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कल्याणपुर थाना प्रभारी धनंजय पांडेय के अनुसार काकादेव कोचिंग मंडी में उनके गिरोह में कुछ और लोगों के शामिल होने की आशंका है। सीडीआर से पता चल सकेगा कि उनके गिरोह में कोई और है या नहीं। वहीं, बुधवार सुबह छात्रों के परिजन कल्याणपुर थाने पहुंचे, जहां से उन्हें कोर्ट भेज दिया गया।

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पांच माह पहले शुरू किया धंधा, 25 लोगों को बनाया शिकार
आरोपी छात्रों ने बताया कि करीब पांच महीने पहले ठगी का खेल शुरू किया था। प्रत्येक छात्र एप पर बनाई हुई आईडी से शिकार खोजता था। जब आपस में मिलने की डेट फिक्स हो जाती थी, तब अन्य साथियों को बुला लिया जाता था। इसके बाद पीड़ित को लूटते थे। पुलिस की वर्दी पहनकर धमकाते भी थे।

हैसियत के अनुसार किया जाता था ब्लैकमेल
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अब तक कुल 25 लोगों को इस तरह से शिकार बनाया है। व्यक्ति की हैसियत के अनुसार ब्लैकमेल किया जाता था। अब तक लाखों रुपये हड़पने की आशंका है। थाना प्रभारी धनंजय पांडेय के अनुसार 25 में से अब तक पांच पीड़ित पुलिस के सामने आ चुके हैं।

कमरे में ही बुलाकर बनाते थे संबंध, फिर बनाते थे वीडियो
पूछताछ में पता चला कि आरोपी छात्र शिकार को मिलने के लिए अपने कमरों में रात को बुलाते थे। लोग देख भी लेते थे, लेकिन युवक होने की वजह से कभी विरोध नहीं हुआ। इसका फायदा आरोपी छात्रों ने उठाते हुए मकान मालिक से बचते हुए कमरे को ही वसूली का अड्डा बना रखा था।

एक शख्स भी बना सकता है शिकार, सजगता ही है बचाव
एडीसीपी लाखन यादव ने बताया कि समाज में हर शख्स अपनी इज्जत बनाना चाहता है। ऐसे में जब वह किसी गलत कार्य में संलिप्त हो जाता है तो आरोपी छात्र जैसे लोग इसका फायदा उठाने से पीछे नहीं हटते। उन्होंने बताया कि किसी को बदनाम करने के लिए किसी गिरोह की जरूरत नहीं होती।

ब्लूड एप से जुड़े हैं पांच करोड़ से अधिक लोग
यह काम सिर्फ एक शख्स भी अकेला ही कर सकता है और इसे रोकने के नाम पर वह अकेला ही अपने शिकार को ब्लैकमेल करने में सक्षम है। ऐसे में सिर्फ सजगता और जागरूकता ही इस तरह की घटनाओं से बचने का एकमात्र रास्ता है। अधिकारी के अनुसार ब्लूड एप से दुनिया भर में पांच करोड़ से अधिक लोग जुड़े हैं।

मास्टरमाइंड ने दिखाया गे-एप का रास्ता
दिलीप ने बताया कि छात्रों ने घर से पर्याप्त खर्चा न मिलने की चर्चा की, तो उसने गे-डेटिंग एप पर सभी की फर्जी आईडी बनवाई। लोगों को ब्लैकमेल कर उससे मिलने वाली रकम से महंगे और ब्रांडेड कपड़े, गर्लफ्रैंड के घुमाने के शौक को पूरा करने का सपना दिखाया। इसके बाद सभी अपना-अपना शिकार खोजने में लग गए।

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