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कैंसर है जानलेवा, बचाएं जिंदगी
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर देहात
Updated Wed, 04 Feb 2015 12:58 AM IST
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कैंसर आपकी जिंदगी बर्बाद कर सकता है। टेंशन और टाइम पास का बहाना लेकर
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नशेबाजी की आदत हमें हर हरहाल में छोड़नी होगी। कैंसर जैसी बीमारी को घर,
परिवार, समाज व देश से दूर भगाना होगा। यह बात विश्व कैंसर दिवस की पूर्व
संध्या पर संदेश देते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी ने कही।
जिले में कैंसर रोग के मरीजों को प्राथमिक जांच तक की सुविधा मुहैया नहीं है। ऐसे में मरीजों को बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता है। अमर उजाला के समाचार प्रतिनिधि ने विश्व कैंसर दिवस पर कैंसर रोग से जागरूकता, उपाय और जिले में मरीजों की स्थिति पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है।
अंबर बिट्टू मिश्रा का कहना है कि घर में कोई भी नशा-पत्ती नहीं करता है। उन्होंने भी न कभी ऐसा करने का सोचा और न कभी हिम्मत पड़ी।
बबलू भारतीय ने बताया कि उनके मोहल्ले में कई लोग ऐसे भी हैं। जिनका पूरा मुंह नहीं खुलता है। वह अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। हालत देखकर कभी गुटखा खाने का जोखिम नहीं उठाया।
समरजीत गुप्ता का कहना है कि पहले लगभग 20 पाउच खा लेते थे। मुंह में दिक्कत होने लगी।
डाक्टर की सलाह पर उन्होंने अब उन्होंने गुटखा, पान-मसाला आदि छोड़ दिया है, जिससे वह अब पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं।
जिले में कैंसर रोग के मरीजों को प्राथमिक जांच तक की सुविधा मुहैया नहीं है। ऐसे में मरीजों को बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता है। अमर उजाला के समाचार प्रतिनिधि ने विश्व कैंसर दिवस पर कैंसर रोग से जागरूकता, उपाय और जिले में मरीजों की स्थिति पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है।
अंबर बिट्टू मिश्रा का कहना है कि घर में कोई भी नशा-पत्ती नहीं करता है। उन्होंने भी न कभी ऐसा करने का सोचा और न कभी हिम्मत पड़ी।
बबलू भारतीय ने बताया कि उनके मोहल्ले में कई लोग ऐसे भी हैं। जिनका पूरा मुंह नहीं खुलता है। वह अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। हालत देखकर कभी गुटखा खाने का जोखिम नहीं उठाया।
समरजीत गुप्ता का कहना है कि पहले लगभग 20 पाउच खा लेते थे। मुंह में दिक्कत होने लगी।
डाक्टर की सलाह पर उन्होंने अब उन्होंने गुटखा, पान-मसाला आदि छोड़ दिया है, जिससे वह अब पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं।