फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Cabinet Minister Rakesh Sachan acquitted in the case of assault on government employees

Rakesh Sachan: सरकारी कर्मचारियों से मारपीट का मामला, कैबिनेट मंत्री साबित हुए दोषमुक्त

Fri, 07 Oct 2022 04:34 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 07 Oct 2022 04:34 PM IST
सार

कैबिनेट मंत्री राकेश सचान पर केडीए के हिंदी भवन पर कब्जे को लेकर सरकारी कर्मचारियों से मारपीट का आरोप था। अदालत में सुनवाई के दौरान गवाह बयान से मुकर गए। इसके चलते 32 साल पुराने मुकदमे में मंत्री को निचली अदालत से राहत मिल गई है।

विज्ञापन
Cabinet Minister Rakesh Sachan acquitted in the case of assault on government employees
मंत्री राकेश सचान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में सरकारी कर्मचारी से मारपीट और जानमाल की धमकी देने के 32 साल पुराने मुकदमे में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री राकेश सचान बाइज्जत बरी हो गए हैं। गवाहों के बयान से मुकर जाने और कोई ठोस सबूत न होने पर अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट तृतीय आलोक यादव ने राकेश को दोषमुक्त करार दिया है।

विज्ञापन

हिंदी भवन पर कब्जे का था मामला
वर्ष 1990 में केडीए अफसर जीडी दास ने ग्वालटोली थाने में राकेश सचान व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि केडीए के हिंदी भवन पर कब्जा करने की नीयत से राकेश अपने साथियों के साथ पहुंचे और भवन को अपना कार्यालय बताकर वहां रखा सामान फेंकने लगे।

विज्ञापन

विरोध पर सरकारी कर्मचारियों से गाली-गलौज व मारपीट की और जानमाल की धमकी भी दी। विवेचना के बाद राकेश सचान के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। राकेश के अधिवक्ता कपिलदीप सचान ने बताया कि आरोप तय होने के बाद अभियोजन की ओर से जो गवाह पेश किए गए।

उन्होंने राकेश पर लगे आरोपों को खारिज कर दिया था। मारपीट की कोई घटना न होने की बात कोर्ट में कही थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही वादी मुकदमा जीडी दास की मौत हो गई थी। कोर्ट में उनके बयान दर्ज नहीं हो सके थे।

विज्ञापन

अभियोजन के पास घटना को साबित करने के लिए न तो कोई गवाह था और न ही ठोस सबूत। राजनीतिक रंजिश के चलते राकेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस की कहानी कोर्ट में झूठी साबित हुई। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने मंत्री जी को दोषमुक्त करार दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed