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बसपा प्रत्याशी निशा सचान और पति को भाजपा ने निकाला, कहा- 'किसी काम नहीं आए दोनों'
Thu, 21 Feb 2019 12:58 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 21 Feb 2019 12:58 PM IST
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बसपा प्रत्याशी निशा सचान और पति को भाजपा ने निकाला
भाजपा में रहते हुए बसपा से अकबरपुर का टिकट लाने वाली निशा सचान और उनके पति घाटमपुर नगर पालिका चेयरमैन संजय सचान (गुड्डू सचान) को भाजपा ने बुधवार पार्टी से निष्कासित कर दिया।
भाजपा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने बताया कि गुड्डू सचान की गतिविधियां भाजपा में शुरू से ही संदिग्ध रही हैं। यही वजह है कि उनकी और उनकी पत्नी की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता रद कर दी गई है।
तीन दिन पहले निशा सचान को दिल्ली में बसपा प्रमुख मायावती ने अकबरपुर लोकसभा सीट से 2019 के लिए प्रत्याशी बनाने की हरी झंडी दी थी। उस समय पति-पत्नी भाजपा के सदस्य थे। भाजपा में रहते हुए बसपा का प्रत्याशी बनने की खबर आने के बाद भाजपा और बसपा दोनों में हलचल थी।
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बताया जा रहा है कि लखनऊ में तीन दिन तक निशा और संजय सचान की बसपा के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ वार्ता चली। दरअसल बसपा प्रमुख को भी यह जानकारी नहीं थी कि निशा सचान भाजपा की सदस्य हैं। बाद में जोन प्रमुखों ने मामले को किसी तरह संभाला।
इसी तरह भाजपा में भी दो दिन तक मंथन चला, जिसमें तय किया गया कि बसपा की तरफ से निशा सचान को आधिकारिक रूप से प्रभारी/प्रत्याशी घोषित होने से पहले भाजपा से बाहर कर दिया जाए। भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र ने बताया कि भाजपा में रहते हुए संजय सचान और निशा सचान का पार्टी के लिए कोई योगदान नहीं रहा।
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भाजपा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने बताया कि गुड्डू सचान की गतिविधियां भाजपा में शुरू से ही संदिग्ध रही हैं। यही वजह है कि उनकी और उनकी पत्नी की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता रद कर दी गई है।
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तीन दिन पहले निशा सचान को दिल्ली में बसपा प्रमुख मायावती ने अकबरपुर लोकसभा सीट से 2019 के लिए प्रत्याशी बनाने की हरी झंडी दी थी। उस समय पति-पत्नी भाजपा के सदस्य थे। भाजपा में रहते हुए बसपा का प्रत्याशी बनने की खबर आने के बाद भाजपा और बसपा दोनों में हलचल थी।
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बताया जा रहा है कि लखनऊ में तीन दिन तक निशा और संजय सचान की बसपा के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ वार्ता चली। दरअसल बसपा प्रमुख को भी यह जानकारी नहीं थी कि निशा सचान भाजपा की सदस्य हैं। बाद में जोन प्रमुखों ने मामले को किसी तरह संभाला।
इसी तरह भाजपा में भी दो दिन तक मंथन चला, जिसमें तय किया गया कि बसपा की तरफ से निशा सचान को आधिकारिक रूप से प्रभारी/प्रत्याशी घोषित होने से पहले भाजपा से बाहर कर दिया जाए। भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र ने बताया कि भाजपा में रहते हुए संजय सचान और निशा सचान का पार्टी के लिए कोई योगदान नहीं रहा।