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दुकानदार ने केस्को जेई को ‘कठपुतली’ बनाया
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sun, 08 Feb 2015 03:42 AM IST
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बर्रा दो के एक कपड़ा दुकानदार ने केस्को के इलाकाई जूनियर इंजीनियर को रिश्वत ऑफर कर रिश्वत लेने वाले मध्यस्थ की वीडियो क्लिपिंग बना ली और न केवल 1.75 लाख रुपए का जुर्माना माफ करवा लिया, बल्कि रिश्वत में दिए गए रुपए भी वापस ले लिए।
दरअसल, दुकानदार ने विभिन्न मीडिया संस्थानों को वीडियो भेजकर उसे प्रकाशित-प्रसारित करवाने की धमकी देकर जेई को दबाव में ले लिया और मनचाहे ढंग से नचाया। अमर उजाला संवाददाता ने जब इस बाबत दुकानदार से पूछा तो जेई के बचाव में गाली-गलौज पर उतर आए और नौकरी तक ले लेने की धमकी दे डाली।
व्हाट्सएप पर वायरल हुए वीडियो और सभी पक्षों से पूछताछ में यह कहानी सामने आई है। केस्को इस मामले की निष्पक्ष जांच कराए और दुकानदार के दुकान के लोड की जांच करा ले तो सच्चाई की सहज ही पुष्टि हो जाएगी। इस
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पूरे मामले की जांच इस लिए भी जरूरी है कि इससे केस्को के बड़े अधिकारियों को यह भी पता चल जाएगा कि जांच अभियान मेें क्या चल रहा है? रिश्वत लेना-देना दोनो ही जुर्म है, लिहाजा यह घटना उपभोक्ताओं के लिए भी सबक होगी।
इस मामले में जो भी जानकारी मिली है, उसके मुताबिक बर्रा दो मिनी एमआईजी-280 अमित तिवारी का मकान है। मकान के ग्राउंड फ्लोर पर अमित और सुभाष दोनों भाई मिलकर कपड़े की दुकान चलाते हैं।
इसके साथ ही बेसमेंट में जिम चलता है। दुकान में सिर्फ एक किलोवाट का मीटर लगा हुआ है। जिससे दुकान, जिम और घर में बिजली इस्तेमाल होती है।
गत बुधवार को अभियान के तहत केस्को टीम से जेई रहमान, लाइनमैन अरविंद शुक्ला और प्राइवेट लाइनमैन राजू, गैंग सहित जांच करने दुकान पर पहुंचे। जेई ने कहा एक किलोवाट के कनेक्शन से इतना सब कुछ चल रहा है।इसके बाद कार्रवाई करते हुए अमित पर 1 लाख 75 हजार रुपए का जुर्माना ठोंक दिया।
खैर, 20 हजार रुपए में मामला खत्म करने की बात हुई। बातचीत के दौरान 14 हजार रुपए में सौदा तय हो गया। लेकिन अमित ने होशियारी दिखाते हुए अपने एक मित्र के सहयोग से पैसे के लेन-देन की वीडियो रिकार्डिंग करवा ली। इसके बाद से अमित उल्टा जेई और उसकी टीम पर चढ़ गया।
वीडियो रिकार्डिंग अधिकारियों को पहुंचा देने की धमकी देकर अमित ने जेई से घूस के 14 हजार रुपये वापस ले लिए। धमकाते हुए 1 लाख 75 हजार रुपए का जुर्माना भी माफ करवा लिया।
जेई और लाइनमैन हाथ-पैर जोड़ते रहे और अमित उनको धमकाता रहा। उस दिन से मामला दबा रहा लेकिन शनिवार को अमर उजाला संवाददाता के कान में खबर पहुंची तो उसने पड़ताल करके इस कांड की परतें खोल दीं।
इसके बाद पक्ष जानने के लिए जेई का फोन मिलाया तो उन्होंने रिसीव करते ही काट दिया। फिर दूसरे फोन से कॉल करके इस कांड की पुष्टि की और ‘मिलने’ को बुलाया। उधर संवाददाता ने दुकानदार अमित तिवारी को फोन मिलाया तो अमित तिवारी ने अभद्रता करते हुए कहा कि जेई से कोई बात नहीं करना।
हमारा मामला सुलझ गया है। गालियां बकते हुए दुकानदार ने देख लेने की धमकी दी और यहां तक कह डाला कि तुम्हारी नौकरी खा जाऊंगा।
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दरअसल, दुकानदार ने विभिन्न मीडिया संस्थानों को वीडियो भेजकर उसे प्रकाशित-प्रसारित करवाने की धमकी देकर जेई को दबाव में ले लिया और मनचाहे ढंग से नचाया। अमर उजाला संवाददाता ने जब इस बाबत दुकानदार से पूछा तो जेई के बचाव में गाली-गलौज पर उतर आए और नौकरी तक ले लेने की धमकी दे डाली।
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व्हाट्सएप पर वायरल हुए वीडियो और सभी पक्षों से पूछताछ में यह कहानी सामने आई है। केस्को इस मामले की निष्पक्ष जांच कराए और दुकानदार के दुकान के लोड की जांच करा ले तो सच्चाई की सहज ही पुष्टि हो जाएगी। इस
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पूरे मामले की जांच इस लिए भी जरूरी है कि इससे केस्को के बड़े अधिकारियों को यह भी पता चल जाएगा कि जांच अभियान मेें क्या चल रहा है? रिश्वत लेना-देना दोनो ही जुर्म है, लिहाजा यह घटना उपभोक्ताओं के लिए भी सबक होगी।
इस मामले में जो भी जानकारी मिली है, उसके मुताबिक बर्रा दो मिनी एमआईजी-280 अमित तिवारी का मकान है। मकान के ग्राउंड फ्लोर पर अमित और सुभाष दोनों भाई मिलकर कपड़े की दुकान चलाते हैं।
इसके साथ ही बेसमेंट में जिम चलता है। दुकान में सिर्फ एक किलोवाट का मीटर लगा हुआ है। जिससे दुकान, जिम और घर में बिजली इस्तेमाल होती है।
गत बुधवार को अभियान के तहत केस्को टीम से जेई रहमान, लाइनमैन अरविंद शुक्ला और प्राइवेट लाइनमैन राजू, गैंग सहित जांच करने दुकान पर पहुंचे। जेई ने कहा एक किलोवाट के कनेक्शन से इतना सब कुछ चल रहा है।इसके बाद कार्रवाई करते हुए अमित पर 1 लाख 75 हजार रुपए का जुर्माना ठोंक दिया।
खैर, 20 हजार रुपए में मामला खत्म करने की बात हुई। बातचीत के दौरान 14 हजार रुपए में सौदा तय हो गया। लेकिन अमित ने होशियारी दिखाते हुए अपने एक मित्र के सहयोग से पैसे के लेन-देन की वीडियो रिकार्डिंग करवा ली। इसके बाद से अमित उल्टा जेई और उसकी टीम पर चढ़ गया।
वीडियो रिकार्डिंग अधिकारियों को पहुंचा देने की धमकी देकर अमित ने जेई से घूस के 14 हजार रुपये वापस ले लिए। धमकाते हुए 1 लाख 75 हजार रुपए का जुर्माना भी माफ करवा लिया।
जेई और लाइनमैन हाथ-पैर जोड़ते रहे और अमित उनको धमकाता रहा। उस दिन से मामला दबा रहा लेकिन शनिवार को अमर उजाला संवाददाता के कान में खबर पहुंची तो उसने पड़ताल करके इस कांड की परतें खोल दीं।
इसके बाद पक्ष जानने के लिए जेई का फोन मिलाया तो उन्होंने रिसीव करते ही काट दिया। फिर दूसरे फोन से कॉल करके इस कांड की पुष्टि की और ‘मिलने’ को बुलाया। उधर संवाददाता ने दुकानदार अमित तिवारी को फोन मिलाया तो अमित तिवारी ने अभद्रता करते हुए कहा कि जेई से कोई बात नहीं करना।
हमारा मामला सुलझ गया है। गालियां बकते हुए दुकानदार ने देख लेने की धमकी दी और यहां तक कह डाला कि तुम्हारी नौकरी खा जाऊंगा।