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सात साल की बच्ची के दिमाग से ट्यूमर निकाला
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sat, 20 Dec 2014 03:39 AM IST
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हैलट के न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉक्टर्स ने सात साल की बच्ची के दिमाग के पास से छह सेंटीमीटर का ट्यूमर आपरेशन कर निकाला। खास बात है कि इतनी कम उम्र की बच्ची का हैलट में इस तरह का यह पहला ऑपरेशन है।
डॉक्टर्स का मानना है कि दिमाग और स्पाइनल कार्ड के पास मौजूद इस ट्यूमर को निकालने में थोड़ी सी चूक से बच्ची जीवन भर के लिए अपंग हो सकती थी।
ऑपरेशन करने वाले न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. राघवेंद्र गुप्ता ने बताया कि कानपुर देहात के पुखरायां की एलीना (7) पुत्री यासीन के सिर में हमेशा दर्द और उल्टी होती रहती थी। करीब सप्ताह भर पहले परिजन एलीना को हैलट लाए।
जांच में पता चला कि एलीना के ब्रेन के पिछले हिस्से में पांच गुणे छह सेंटीमीटर का ट्यूमर था। यह ट्यूमर स्पाइनल कार्ड और दिमाग के बिल्कुल पास था। यदि ट्यूमर बढ़ता या ट्यूमर निकालने में कोई चूक होती तो एलीना जीवन भर के लिए अपंग हो सकती थी।
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गुरुवार को एलीना का ऑपरेशन किया गया। चार घंटे के ऑपरेशन के बाद ट्यूमर निकालने में सफलता मिली। डॉ. गुप्ता ने बताया कि इतनी कम उम्र की बच्ची का हैलट में इस तरह का पहली बार ऑपरेशन किया गया है।
ट्यूमर को छूने पर बच्ची की पल्स रेट गिरने लगती थी। कोई दिक्कत न हो इसके लिए ट्यूमर को काट कर छोटे-छोटे टुकड़े में निकाला गया। ऑपरेशन में डॉ. राजेश मौर्या, डॉ. रवि पांडेय, डॉ. अमूल्य, डॉ. जौहरी, डॉ. रोहित और एनेस्थीसिया के डॉ. बीना अरोड़ा और डॉ. शरद शामिल रहे।
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डॉक्टर्स का मानना है कि दिमाग और स्पाइनल कार्ड के पास मौजूद इस ट्यूमर को निकालने में थोड़ी सी चूक से बच्ची जीवन भर के लिए अपंग हो सकती थी।
ऑपरेशन करने वाले न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. राघवेंद्र गुप्ता ने बताया कि कानपुर देहात के पुखरायां की एलीना (7) पुत्री यासीन के सिर में हमेशा दर्द और उल्टी होती रहती थी। करीब सप्ताह भर पहले परिजन एलीना को हैलट लाए।
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जांच में पता चला कि एलीना के ब्रेन के पिछले हिस्से में पांच गुणे छह सेंटीमीटर का ट्यूमर था। यह ट्यूमर स्पाइनल कार्ड और दिमाग के बिल्कुल पास था। यदि ट्यूमर बढ़ता या ट्यूमर निकालने में कोई चूक होती तो एलीना जीवन भर के लिए अपंग हो सकती थी।
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गुरुवार को एलीना का ऑपरेशन किया गया। चार घंटे के ऑपरेशन के बाद ट्यूमर निकालने में सफलता मिली। डॉ. गुप्ता ने बताया कि इतनी कम उम्र की बच्ची का हैलट में इस तरह का पहली बार ऑपरेशन किया गया है।
ट्यूमर को छूने पर बच्ची की पल्स रेट गिरने लगती थी। कोई दिक्कत न हो इसके लिए ट्यूमर को काट कर छोटे-छोटे टुकड़े में निकाला गया। ऑपरेशन में डॉ. राजेश मौर्या, डॉ. रवि पांडेय, डॉ. अमूल्य, डॉ. जौहरी, डॉ. रोहित और एनेस्थीसिया के डॉ. बीना अरोड़ा और डॉ. शरद शामिल रहे।