फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Books are being sold at high prices due to collusion between schools and book sellers: DM

विद्यालयों और पुस्तक विक्रेताओं की सांठगांठ से महंगी बिक रहीं किताबें : डीएम

Sat, 12 Apr 2025 02:20 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Apr 2025 02:20 AM IST
विज्ञापन
Books are being sold at high prices due to collusion between schools and book sellers: DM
जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में शामिल जिलाधिकारी।  - फोटो : सूचना विभाग
कानपुर। महंगी बिक रही किताब-कॉपियों के मामले में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को विद्यालयों के साथ पुस्तक विक्रेता को अवैध वसूली पर रोक लगाने के लिए कहा।
विज्ञापन

कलेक्ट्रेट में हुई जनपदीय शुल्क नियामक समिति की बैठक में उन्होंने दोनों की सांठगांठ से महंगी किताबें बेचे जाने को भ्रष्टाचार बताते हुए इसकी तुलना संचारी रोगों से की। कहा कि पुस्तक विक्रेता वेक्टर जनित रोग के वाहकों की भांति स्कूल या प्रबंधक के लिए अभिभावकों से अवैध वसूली न करें।
विज्ञापन


उन्होंने डीआईओएस को निर्देश दिया कि विद्यालयों से शुल्क निर्धारण या पाठ्यक्रम की जानकारी 31 दिसंबर तक स्कूलों की वेबसाइट पर अवश्य अपलोड करा दें। बैठक में शहर के कई पुस्तक विक्रेताओं ने हिस्सा लिया। इसमें विभिन्न माध्यमों से मिली सूचनाओं के विषय में पुस्तक विक्रेताओं से सुझाव लिए गए। विक्रेताओं ने कहा कि उनको स्कूलों से देरी से पुस्तकों की लिस्ट मिलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस दौरान जिलाधिकारी ने पुस्तक विक्रेताओं से कई सवाल भी किए। उन्होंने पूछा कि दुकान में जिन पुस्तकों का विक्रय किया जाता है, उसकी सूचना किस माध्यम से आपको प्राप्त होती है। विद्यालय की ओर से चयनित प्रकाशकों की सूची आपको किस के माध्यम से मिलती है।

क्या कॉपी-किताबों के विक्रय में अभिभावकों को छूट दी जाती है। यह कैसे सुनिश्चित करते हैं कि किन-किन पुस्तकों का अपनी दुकान पर स्टॉक रखना है। डीएम के इन सवालों के आगे बुक सेलर्स को जवाब देते नहीं बना। किसी ने कहा कि प्रकाशकों से ही सूचना मिलती है तो किसी ने कहा कि कुछ स्कूल ही किताबों की सूची देते हैं। हालांकि डीएम उनके जवाबों से संतुष्ट नजर नहीं आए।


उन्होंने सभी पुस्तक विक्रेताओं से कहा कि किसी संस्थान या स्कूल के लिए अवैध धनराशि का वाहक न बने, जिससे प्रतिष्ठा खराब हो। यदि किसी पुस्तक विक्रेता की ओर से प्रकाशक या स्कूल को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने का मामला पाया जाता है तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि वर्तमान सत्र 2025-26 में जितनी पुस्तकें विक्रय की गई हैं, उनके बिल बाउचर एवं पुस्तकों पर जो छूट दी गई उसके साक्ष्य उपलब्ध कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed