{"_id":"60b79dbcd17a1f69315f7b7a","slug":"black-fungus-treatment-kanpur-news-black-fungal","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: ब्लैक फंगस से पीड़ित महिला की आंख निकाली, दो और मरीजों की आज होगी सर्जरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: ब्लैक फंगस से पीड़ित महिला की आंख निकाली, दो और मरीजों की आज होगी सर्जरी
Thu, 03 Jun 2021 12:28 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 03 Jun 2021 12:28 AM IST
सार
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने बताया कि जो रोगी संक्रमण की शुरुआत में आ गए, उनकी आंख बचा ली गई है।
विज्ञापन
ब्लैक फंगस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में ब्लैक फंगस महिला रोगी की बुधवार को सर्जरी कर दाहिनी आंख निकाल दी गई है। हैलट में 56 वर्षीय महिला की आंख की सर्जरी की गई। रोगी के कोरोना के साथ हाई ब्लड शुगर की भी हिस्ट्री रही है। ब्लैक फंगस का संक्रमण नाक से साइनस और फिर आंख तक पहुंच गया।
आंख खराब करने के साथ ही संक्रमण मस्तिष्क तक पहुंच गया। दो और रोगियों की भी यही स्थिति है। बायोप्सी जांच में पुष्टि होने के बाद उनकी भी आंख निकाली जाएगी। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान की अगुवाई में आंख की सर्जरी की गई।
इसी तरह ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. एसके कनौजिया की अगुवाई में रोगी की साइनस की सर्जरी की गई है। दो और रोगियों की आंख और साइनस की सर्जरी गुरुवार को प्रस्तावित है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने बताया कि जो रोगी संक्रमण की शुरुआत में आ गए, उनकी आंख बचा ली गई है। कुछ रोगी डिस्चार्ज कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
आंख खराब करने के साथ ही संक्रमण मस्तिष्क तक पहुंच गया। दो और रोगियों की भी यही स्थिति है। बायोप्सी जांच में पुष्टि होने के बाद उनकी भी आंख निकाली जाएगी। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान की अगुवाई में आंख की सर्जरी की गई।
विज्ञापन
इसी तरह ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. एसके कनौजिया की अगुवाई में रोगी की साइनस की सर्जरी की गई है। दो और रोगियों की आंख और साइनस की सर्जरी गुरुवार को प्रस्तावित है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने बताया कि जो रोगी संक्रमण की शुरुआत में आ गए, उनकी आंख बचा ली गई है। कुछ रोगी डिस्चार्ज कर दिए गए हैं।
विज्ञापन