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बिजली-पानी और ओलावृष्टि मुआवजा की मांग उठाई
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर देहात
Updated Sun, 22 Feb 2015 12:51 AM IST
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जिले में बिजली-पानी और ओलावृष्टि आदि आपदाओं को लेकर शनिवार को भारतीय किसान यूनियन ने नुकसान की भरपाई की आवाज उठाई। साथ ही नहरों का पानी टेल तक, तालाबों का वाटर लेबिल स्थाई करने, बिजली लाइनों का मेंटीनेंस, जैनपुर, असेवा, नोनापुर फीडरों से बिजली व्यवस्था सुचारू करने समेत 11 सूत्रीय समस्याओं पर चर्चा की।
महापंचायत के उपरांत किसान नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है। भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में लगी।
महापंचायत में मौजूद भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव चौधरी रमेश सिंह ने कहा कि देहात के किसानों की समस्याओं का अब समाधान होना चाहिए।
किसानों को प्रतिवर्ष ओलावृष्टि, अतिवृष्टि, सूखा जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। किसानों को समय पर मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। किसानों की हालत खराब है। उन्हें खेतों से लागत तक निकालना मुश्किल है।
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भाकियू जिलाध्यक्ष रशीद अहमद आजाद ने कहा कि जिले की नहरों का पानी टेल तक न पहुंचना समस्या बनी हुई है। इसका समाधान होना चाहिए। पोखरों व तालाबों को गर्मी से पहले नहरों से भरवा दिया जाए।
इससे वाटर लेबिल बना रहे। जिले की बिजली लाइनों का मेंटीनेंस कराया जाए। बिजली की आपूर्ति कम से कम 18 घंटे सुनिश्चित हो। गेहूं का समर्थन मूल्य दो हजार रुपये निर्धारित किया जाए।
बीते दिनों खितारी गांव में कटी नहर से किसानों की फसलें तबाह हो गईं थी। पीड़ित किसानों को जिला प्रशासन सर्वे कराकर उचित मुआवजा दे। चकरोड का अतिक्रमण हटाकर मनरेगा योजना के अंतर्गत पुराई कार्य कराया जाए।
वनरोजों और अन्ना जानवरों से फसलों को बचाने के लिए उपाय किए जाएं। भूमि अधिग्रहण के अंतर्गत किसानों के हितों का कार्य होना चाहिए। कि सान नेताओं में महापंचायत में उठी समस्याओं का ज्ञापन राज्यपाल को भेजा गया।
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन के दौरान रघुवीर सिंह फौजी, सुघर सिंह पाल, मन्नालाल वर्मा, सूर्य प्रकाश शर्मा, दिनेश पटेल, मोहम्मद सलीम मंसूरी, सुंदरलाल यादव, दयाशंकर, भगवानदास, रामगोपाल, खुर्शीद अहमद, श्री प्रकाश, राधेश्याम यादव, महादेव कमल, राकेश कटियार आदि मौजूद रहे।
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महापंचायत के उपरांत किसान नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है। भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में लगी।
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महापंचायत में मौजूद भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव चौधरी रमेश सिंह ने कहा कि देहात के किसानों की समस्याओं का अब समाधान होना चाहिए।
किसानों को प्रतिवर्ष ओलावृष्टि, अतिवृष्टि, सूखा जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। किसानों को समय पर मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। किसानों की हालत खराब है। उन्हें खेतों से लागत तक निकालना मुश्किल है।
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भाकियू जिलाध्यक्ष रशीद अहमद आजाद ने कहा कि जिले की नहरों का पानी टेल तक न पहुंचना समस्या बनी हुई है। इसका समाधान होना चाहिए। पोखरों व तालाबों को गर्मी से पहले नहरों से भरवा दिया जाए।
इससे वाटर लेबिल बना रहे। जिले की बिजली लाइनों का मेंटीनेंस कराया जाए। बिजली की आपूर्ति कम से कम 18 घंटे सुनिश्चित हो। गेहूं का समर्थन मूल्य दो हजार रुपये निर्धारित किया जाए।
बीते दिनों खितारी गांव में कटी नहर से किसानों की फसलें तबाह हो गईं थी। पीड़ित किसानों को जिला प्रशासन सर्वे कराकर उचित मुआवजा दे। चकरोड का अतिक्रमण हटाकर मनरेगा योजना के अंतर्गत पुराई कार्य कराया जाए।
वनरोजों और अन्ना जानवरों से फसलों को बचाने के लिए उपाय किए जाएं। भूमि अधिग्रहण के अंतर्गत किसानों के हितों का कार्य होना चाहिए। कि सान नेताओं में महापंचायत में उठी समस्याओं का ज्ञापन राज्यपाल को भेजा गया।
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन के दौरान रघुवीर सिंह फौजी, सुघर सिंह पाल, मन्नालाल वर्मा, सूर्य प्रकाश शर्मा, दिनेश पटेल, मोहम्मद सलीम मंसूरी, सुंदरलाल यादव, दयाशंकर, भगवानदास, रामगोपाल, खुर्शीद अहमद, श्री प्रकाश, राधेश्याम यादव, महादेव कमल, राकेश कटियार आदि मौजूद रहे।