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बीजेपी का 'नया चक्रव्यूह' अब मुलायम को उनके ही गढ़ में घेरने की तैयारी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 28 Dec 2017 08:30 AM IST
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मुलायम सिंह यादव
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उत्तर प्रदेश के औरेया में अभी तक सहकारिता चुनाव में 80 दशक के बाद से ही सपा संरक्षक मुलायम सिंह के खेमे का ही बोलबाला रहा है। सपा पार्टी के गठन के बाद अधिकतर जगह पर सपाई ही काबिज हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने सहकारिता चुनाव के लिए अजय सिंह चौहान को जिले का प्रभारी नियुक्त किया है। प्रभारी को जिले की हर गतिविधि से हाईकमान को अवगत कराने को कहा गया है।
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80 दशक के बाद से मुलायम सिंह के खेमे का ही रहा है बोलबाला
मुलायम सिंह यादव
सहकारिता चुनाव की राजनीति से उभर कर प्रदेश व देश की राजनीति तक पहुंची समाजवादी पार्टी को उसके ही गढ़ में घेरने के लिए भाजपा चक्रव्यूह बना रही है। बीजेपी इसे आम चुनाव की तर्ज पर लड़ने जा रही है। भाजपा बकायदा मुद्दों के साथ मतदाताओं के बीच जाएगी। समिति स्तर पर टीमें भी बनाई गई हैं। जो न सिर्फ मतदाताओं तक मुद्दों को पहुंचा रही है। बल्कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को मतदाता सूची में भी जोड़ने का काम कर रही है।
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कई नियमों में परिवर्तन होने से भाजपा का रास्ता और आसान हो गया
मुलायम सिंह यादव
चुनाव आयुक्त सहकारिता लखनऊ ने इस बार 15 से 30 जनवरी के मध्य में सहकारिता के समिति स्तर के चुनाव कराने की घोषणा की है। संभावना है कि 15 जनवरी तक मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हो जाएगा। इसके बाद नामांकन, नाम वापसी और मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी। अभी तक सहकारिता समितियों पर सपा का दबदबा रहा है। इसमें सबसे ज्यादा अध्यक्ष और सदस्य इसी पार्टी के हैं। इस दबदबे को खत्म करने के लिए भाजपा ने रणनीति के तहत काम करना शुरू कर दिया है।
कई नियमों में परिवर्तन होने से भाजपा का रास्ता और आसान हो गया है। पार्टी द्वारा जिले की सभी 99 समितियों पर पांच-पांच कार्यकर्ताओं की टीम तैयार की गई है। जो वोटर लिस्ट में मतदाताओं को जोड़ने का काम कर रही है। इसके अलावा पार्टी ने सहकारिता समितियों से जुड़े कई मुद्दों की लिस्ट भी तैयार की है। जिन्हें लेकर वह मतदाताओं के बीच जाएगी।
कई नियमों में परिवर्तन होने से भाजपा का रास्ता और आसान हो गया है। पार्टी द्वारा जिले की सभी 99 समितियों पर पांच-पांच कार्यकर्ताओं की टीम तैयार की गई है। जो वोटर लिस्ट में मतदाताओं को जोड़ने का काम कर रही है। इसके अलावा पार्टी ने सहकारिता समितियों से जुड़े कई मुद्दों की लिस्ट भी तैयार की है। जिन्हें लेकर वह मतदाताओं के बीच जाएगी।
पहली बार चुनाव आयोग सहकारिता कराएगा चुनाव
मुलायम सिंह यादव
सहकारिता चुनाव के इतिहास में यह पहली बार होगा। जब इसे चुनाव आयोग सहकारिता संपन्न कराएगा। सपा सरकार ने 2015 में इस आयोग का गठन कर गंगादीन यादव को मुख्य चुनाव आयुक्त व लालमन चौबे को आयुक्त नियुक्त किया था। अभी तक यह चुनाव डीएम की देखरेख में होते थे।
दो सदस्यीय कमेटी गठित
डेमो पिक
एआर सहकारिता रमेश गुप्ता ने बताया कि सहकारी समितियों का कार्यकाल नवंबर में पूरा हो चुका है। इन समितियों पर दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई हैं। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार 15 से 30 जनवरी के बीच चुनाव संपन्न कराए जाने हैं। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।