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जेल की बैरक में करवट बदले कटी खुशी की रात
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कानपुर देहात। बिकरू कांड में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए आरोपी अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे की रात करवट बदलते कटी। तरोई की सब्जी व रोटी चावल खाने के बाद उसे बैरक में भेज दिया गया था। सुबह भी उसने बैरक की अन्य महिला बंदियों से बात नहीं की।
खुशी को बाराबंकी के किशोरी संरक्षण गृह से कड़ी सुरक्षा के बीच माती जेल लाया गया। उसके बालिग हो जाने पर यहां शिफ्ट किया गया है। कानपुर के बिकरू गांव में पिछले साल दो जुलाई को कुख्यात विकास दुबे व उसके साथियों ने सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। पुलिस ने खुशी दुबे को भी गंभीर धाराओं में आरोपी बनाया है। विकास दुबे के करीबी अमर दुबे से घटना के दो दिन पहले ही शादी करके वह बिकरू पहुंची थी। अभिलेखों के अनुसार, नाबालिग मानते हुए किशोर न्याय बोर्ड ने उसे बाराबंकी किशोरी संरक्षण गृह भेज दिया था। इसके बाद से उसे तारीख पर माती किशोर न्याय बोर्ड में लाया जाता था।
खुशी के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बालिग हो जाने पर माती जेल मेें शिफ्ट करने का प्रार्थना पत्र दिया था। इसपर गुरुवार को किशोर न्याय बोर्ड ने आदेश दिया था। जेल की महिला बैरक में उसे रखा गया है। यहां वह शांत रही और उसने महिला बंदियों से बात नहीं की। जेलर कुश कुमार ने बताया कि महिला बैरक में खुशी दुबे सामान्य है। रविवार को उसे सुबह की चाय, दोपहर व शाम का भोजन दिया गया।
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खुशी को बाराबंकी के किशोरी संरक्षण गृह से कड़ी सुरक्षा के बीच माती जेल लाया गया। उसके बालिग हो जाने पर यहां शिफ्ट किया गया है। कानपुर के बिकरू गांव में पिछले साल दो जुलाई को कुख्यात विकास दुबे व उसके साथियों ने सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। पुलिस ने खुशी दुबे को भी गंभीर धाराओं में आरोपी बनाया है। विकास दुबे के करीबी अमर दुबे से घटना के दो दिन पहले ही शादी करके वह बिकरू पहुंची थी। अभिलेखों के अनुसार, नाबालिग मानते हुए किशोर न्याय बोर्ड ने उसे बाराबंकी किशोरी संरक्षण गृह भेज दिया था। इसके बाद से उसे तारीख पर माती किशोर न्याय बोर्ड में लाया जाता था।
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खुशी के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बालिग हो जाने पर माती जेल मेें शिफ्ट करने का प्रार्थना पत्र दिया था। इसपर गुरुवार को किशोर न्याय बोर्ड ने आदेश दिया था। जेल की महिला बैरक में उसे रखा गया है। यहां वह शांत रही और उसने महिला बंदियों से बात नहीं की। जेलर कुश कुमार ने बताया कि महिला बैरक में खुशी दुबे सामान्य है। रविवार को उसे सुबह की चाय, दोपहर व शाम का भोजन दिया गया।
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