{"_id":"685082ca8e3891098c01c6e3","slug":"big-potholes-in-industrial-area-drains-clogged-kanpur-news-c-12-1-knp1053-1152416-2025-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: औद्योगिक क्षेत्र में बड़े-बड़े गड्ढे, नालियां जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: औद्योगिक क्षेत्र में बड़े-बड़े गड्ढे, नालियां जाम
विज्ञापन
इस्पतानगर का निरीक्षण करते अधिकारी और उद्यमी।
- फोटो : संगठन
कानपुर। औद्योगिक क्षेत्र इस्पातनगर का उद्योग विभाग, नगर निगम के अफसरों और उद्योग संगठनों के पदाधिकारियों ने सोमवार को संयुक्त निरीक्षण किया। यह निरीक्षण उद्योग बंधु की बैठकों में रखी गईं शिकायतों के क्रम में किया गया। उद्यमियों ने अधिकारियों को सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे, जाम और झाड़ियों से ढंकी नालियां दिखाईं। इस पर अपर नगर आयुक्त ने मंगलवार से सफाई कार्य कराने की बात कही।
फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल, शिव कुमार गुप्ता, आईआईए के राष्ट्रीय महामंत्री आलोक अग्रवाल, जिलाध्यक्ष दिनेश बरासिया, तरुण ओमर, प्रदीप केडिया, लघु उद्योग भारती के अमन घई के साथ उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह, अपर नगर आयुक्त द्वितीय जगदीश यादव सुबह 11 बजे के करीब औद्योगिक क्षेत्र पहुंचे। उमंग ने बताया कि यहां पर 2,200 प्लाॅट हैं, जिसमें 600 वाणिज्यिक प्रतिष्ठान हैं। 400 इकाइयां संचालित हो रही हैं। इनमें चमड़ा, आयरन, स्टील, प्लास्टिक, लैमिनेशन आदि का काम किया जाता है। अगले पांच साल में इकाइयों की संख्या एक हजार होने की संभावना है। इसके बाद भी इस क्षेत्र का बुरा हाल है।
निरीक्षण के दौरान अधिकांश सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे दिखें। नालियों में मिट्टी और सिल्ट भरी मिली। कई जगह नालियां ही गायब हैं। सीवर लाइन क्षेत्र में नहीं है। जगह-जगह जंगली झाड़ियां उगी मिलीं। इसके अलावा कई जगह अतिक्रमण मिला।
विज्ञापन
इस पर अपर नगर आयुक्त ने कहा कि लगभग 20 साल से इस क्षेत्र में अभी लोग बसे नहीं थे। जिसकी वजह से सड़कें नालियां खराब हो गई हैं। उन्हें नए सिरे से बनवाया जाएगा। इसके लिए बजट की आवश्यकता है। बाद में आम सहमति बनी कि नगर निगम पूरे क्षेत्र के विकास के लिए एस्टीमेट तैयार कराएगा, जिसे उद्योग बंधु के माध्यम से शासन को बजट आवंटन के लिए भेजा जाएगा। इस मौके पर जय हेमराजनी, कमलेश पटेल आदि रहे।
विज्ञापन
फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल, शिव कुमार गुप्ता, आईआईए के राष्ट्रीय महामंत्री आलोक अग्रवाल, जिलाध्यक्ष दिनेश बरासिया, तरुण ओमर, प्रदीप केडिया, लघु उद्योग भारती के अमन घई के साथ उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह, अपर नगर आयुक्त द्वितीय जगदीश यादव सुबह 11 बजे के करीब औद्योगिक क्षेत्र पहुंचे। उमंग ने बताया कि यहां पर 2,200 प्लाॅट हैं, जिसमें 600 वाणिज्यिक प्रतिष्ठान हैं। 400 इकाइयां संचालित हो रही हैं। इनमें चमड़ा, आयरन, स्टील, प्लास्टिक, लैमिनेशन आदि का काम किया जाता है। अगले पांच साल में इकाइयों की संख्या एक हजार होने की संभावना है। इसके बाद भी इस क्षेत्र का बुरा हाल है।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान अधिकांश सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे दिखें। नालियों में मिट्टी और सिल्ट भरी मिली। कई जगह नालियां ही गायब हैं। सीवर लाइन क्षेत्र में नहीं है। जगह-जगह जंगली झाड़ियां उगी मिलीं। इसके अलावा कई जगह अतिक्रमण मिला।
विज्ञापन
इस पर अपर नगर आयुक्त ने कहा कि लगभग 20 साल से इस क्षेत्र में अभी लोग बसे नहीं थे। जिसकी वजह से सड़कें नालियां खराब हो गई हैं। उन्हें नए सिरे से बनवाया जाएगा। इसके लिए बजट की आवश्यकता है। बाद में आम सहमति बनी कि नगर निगम पूरे क्षेत्र के विकास के लिए एस्टीमेट तैयार कराएगा, जिसे उद्योग बंधु के माध्यम से शासन को बजट आवंटन के लिए भेजा जाएगा। इस मौके पर जय हेमराजनी, कमलेश पटेल आदि रहे।