अातंकी सैफुल्लाह दिखाता था साथियाें काे ISIS का वीडियाे, बाेलता था काैम के लिए कुछ ताे कराे
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भोपाल-उज्जैन पैसेंजर में जांच के दाैरान एटीएस काे अातंकियाें के खिलाफ कई सबूत मिले हैं। इसमें सबसे हैरान करने वाला है कि पाइप बम पर अातंकियाें ने लिखा था इस्लामिक स्टेट, नॉउ वी आर इन इंडिया (अब हम भारत में आ चुके हैं) ।
आतंकियों ने बोगी के अंदर यात्रियों के बीच रैक पर रखे गए उस बैग का फोटो भी खीचा जिसमें बम रखा गया था। वहीं इसके पहले एटीएस ने बुधवार काे भोपाल में तीनों आतंकियों को कोर्ट में पेश किया था, जहां से तीनों को 23 मार्च तक के लिए पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है।
एटीएस को शक है कि यह आतंकी अन्य वारदातों में भी शामिल रहे हैं, जो बम आतंकियों ने ट्रेन में ब्लास्ट के लिए इस्तेमाल किया वह भी यूपी से ही बनाकर लाए गए थे।
एक वो हैं और एक हम..कौम के लिए कुछ तो करें..
सूत्रों की माने तो भाेपाल से पकड़े गए तीनों आतंकवादियों ने पूछताछ में बताया कि वो सैफुल्ला को करीब तीन साल से जानते हैं। उन्होंने बताया कि सैफुल्ला ने उन्हें आईएसआईएस के बारे में बताया था। वह लगातार आईएसआईएस के वीडियो उन्हें दिखाता था और कहता था एक वो हैं और एक हम...कौम के लिए हमें भी कुछ करना होगा।
आतंकियों के मुताबिक उनका इरादा भारत में कई जगहों पर धमाके करने के बाद वे सीधे आईएसआईएस से जुड़ जाने का था ताकि वहां से पैसा मिलता रहे। हालांकि अब तक की जांच में इन युवाओं के आईएसआईएस से स्वप्रेरित होकर घटना को अंजाम देने की बात सामने आई है। तमाम खर्चों का इंतजाम यह युवा खुद कर रहे थे।
भोपाल में काम कर चुका था दानिश
तीनों आतंकियोंं में से एक कानपुर निवासी दानिश अख्तर उर्फ जफर दो साल पहले भोपाल आया था और यहां उसने छह महीने तक बतौर मैकेनिक काम किया था। इस बात की जानकारी मिलने के बाद अब एटीएस उसके भोपाल में ठहरने और काम करने की जगह के संबंध में लोगों से पूछताछ करने की तैयारी में है।
वहीं दानिश के दो साथी कानपुर निवासी सैय्यद मीर हुसैन उर्फ हमजा और अलीगढ़ निवासी आतिश मुज्जफर उर्फ अलकासिम जाजमऊ पहली बार भोपाल आए थे। दानिश भोपाल से वाकिफ था इसलिए वो पिपरिया से ट्रेन के रास्ते वापस यूपी जाने के लिए अपने साथियों के साथ निकला था।