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भाई दूज आज, दोपहर 1:13 से 3:28 बजे तक करें भाइयों को टीका
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कानपुर। दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव का समापन भाई दूज के पर्व के साथ होगा। पंचांग के अनुसार भाई दूज 23 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक कर उनकी लंबी आयु, सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करेंगी। वहीं भाई बहनों को उपहार देकर उनकी रक्षा का वचन देंगे।
पं. पवन तिवारी के अनुसार कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया 22 अक्तूबर की शाम 6:18 बजे शुरू होकर 23 अक्तूबर की रात 8:23 बजे तक रहेगी। टीका करने का शुभ मुहूर्त दोपहर 01:13 से 03:28 बजे तक रहेगा। इसी समय तिलक करना अत्यंत शुभ रहेगा।
पं. दीपक पांडे के अनुसार कार्तिक मास की द्वितीया तिथि पर यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने गए थे। यमुना ने उनका आदर-सत्कार कर तिलक किया और भोजन कराया। प्रसन्न होकर यमराज ने आशीर्वाद दिया कि इस दिन बहन से तिलक करवाने वाले भाई को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा तभी से यह पर्व यम द्वितीया या भाई दूज के नाम से मनाया जाता है। बहनें पूजा की थाली में दीपक, रोली, अक्षत, हल्दी, सुपारी, मिठाई और मौली धागा रखती हैं। भाई को उत्तर या ईशान दिशा की ओर बैठाकर तिलक किया जाता है। तिलक के बाद आरती उतारकर मिठाई खिलाई जाती है। बहन की रक्षा का भाई संकल्प लेता है।
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पं. पवन तिवारी के अनुसार कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया 22 अक्तूबर की शाम 6:18 बजे शुरू होकर 23 अक्तूबर की रात 8:23 बजे तक रहेगी। टीका करने का शुभ मुहूर्त दोपहर 01:13 से 03:28 बजे तक रहेगा। इसी समय तिलक करना अत्यंत शुभ रहेगा।
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पं. दीपक पांडे के अनुसार कार्तिक मास की द्वितीया तिथि पर यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने गए थे। यमुना ने उनका आदर-सत्कार कर तिलक किया और भोजन कराया। प्रसन्न होकर यमराज ने आशीर्वाद दिया कि इस दिन बहन से तिलक करवाने वाले भाई को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा तभी से यह पर्व यम द्वितीया या भाई दूज के नाम से मनाया जाता है। बहनें पूजा की थाली में दीपक, रोली, अक्षत, हल्दी, सुपारी, मिठाई और मौली धागा रखती हैं। भाई को उत्तर या ईशान दिशा की ओर बैठाकर तिलक किया जाता है। तिलक के बाद आरती उतारकर मिठाई खिलाई जाती है। बहन की रक्षा का भाई संकल्प लेता है।
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