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चित्रकूट: बस्ती में घुसा जंगली भालू, ग्रामीणों में मची भगदड़
Thu, 16 Apr 2020 04:44 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 16 Apr 2020 04:44 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
चित्रकूट- सिमटते वन क्षेत्र और जंगलों में भोजन-पानी न मिलने से वन्यप्राणी जंगलों से निकलकर बस्ती की ओर भाग रहे हैं। जंगलों में वन्यजीव सुरक्षित नहीं हैं। गर्मी में जंगलों के जलाशय सूख जाने से जानवर वन क्षेत्र से बाहर आकर भोजन-पानी ढूंढ रहे हैं।
बाहर निकलते ही आदिवासी समुदाय इनका शिकार कर लेता है। गर्मी के दिनों में जंगलों में आग लगने से जंगल नष्ट होने के साथ-साथ वन्यप्राणी भी आग की चपेट में आने से बेवजह काल के गाल में समा जाते हैं।
गुरुवार को जंगली भालू मारकुंडी वन परिक्षेत्र मारकुंडी रेलवे स्टेशन और नजदीक के किहुंनिया गांव में विचरण करता नजर आया। भालू को देखते ही ग्रामीणों में भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। लोग दूर से शोर मचाते हुए ललकार कर भगाने का प्रयास करते रहे, लेकिन भालू थम-थमकर आगे बढ़ रहा था।
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सूचना पाकर मौके पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी मारकुंडी रमेश यादव ने अपनी टीम के साथ भालू को जंगल तक सुरक्षित निकाला। जंगलों में बाहरी लोगों की घुसपैठ इस कदर बढ़ती जा रही है कि वहां अब जानवरों के लिए खाना-पानी का संकट आता जा रहा है। आए दिन वन्यजीव बस्ती की ओर भाग रहे हैं।
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बाहर निकलते ही आदिवासी समुदाय इनका शिकार कर लेता है। गर्मी के दिनों में जंगलों में आग लगने से जंगल नष्ट होने के साथ-साथ वन्यप्राणी भी आग की चपेट में आने से बेवजह काल के गाल में समा जाते हैं।
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गुरुवार को जंगली भालू मारकुंडी वन परिक्षेत्र मारकुंडी रेलवे स्टेशन और नजदीक के किहुंनिया गांव में विचरण करता नजर आया। भालू को देखते ही ग्रामीणों में भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। लोग दूर से शोर मचाते हुए ललकार कर भगाने का प्रयास करते रहे, लेकिन भालू थम-थमकर आगे बढ़ रहा था।
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सूचना पाकर मौके पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी मारकुंडी रमेश यादव ने अपनी टीम के साथ भालू को जंगल तक सुरक्षित निकाला। जंगलों में बाहरी लोगों की घुसपैठ इस कदर बढ़ती जा रही है कि वहां अब जानवरों के लिए खाना-पानी का संकट आता जा रहा है। आए दिन वन्यजीव बस्ती की ओर भाग रहे हैं।