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एक लाख देकर परिजनों को किया खामोश
ब्यूरो अमर उजाला कानपुर
Updated Tue, 23 Aug 2016 01:31 AM IST
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वैन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कानपुर। डायल-100 की गाड़ी से युवक की मौत के मामले में ग्वालटोली पुलिस ने खेल कर दिया है। सिपाहियों को बचाने के लिए पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। परिजनों को भी एक लाख की रकम देकर शांत करा दिया गया है।
बता दें रविवार की देर रात परमट घाट के पास फुटपाथ पर सो रहे शिवशंकर उर्फ बच्चा (40) को ग्वालटोली थाने की डायल-100 ने रौंद दिया था। जिससे उसकी अस्पताल में मौत हो गई थी। बच्चा फुटपाथ पर ही पंचर बनाकर अपने तीन बच्चों का पेट पाल रहा था। सोमवार को कुछ पुलिस वाले इलाकाई लोगों के साथ बच्चा के घर पहुंचे और बेटे सतीश को एक लाख रुपये थमाकर मामला खत्म करने को कहा। गरीब भी क्या करता, सो चुप हो गया। बच्चा की सास दुलारी और साली सावित्री का कहना है कि एक लाख की एफडी बेटी कुमकुम (10) के नाम करा देंगे। बड़े बेटे सतीश से भी पुलिस वालों ने ई रिक्शा दिलाने का वादा किया है। परिवार की सहमति से शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। वहीं सतीश का कहना है कि सिपाहियों ने उससे कोरे कागज में अंगूठा लगवाकर खुद ही तहरीर लिखवा ली। पिता के साथ काम कर परिवार का पेट पालता था। पुलिस की मानें तो सतीश व उसके घर वालों के बयानों की रिकार्डिंग की गई है।
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बता दें रविवार की देर रात परमट घाट के पास फुटपाथ पर सो रहे शिवशंकर उर्फ बच्चा (40) को ग्वालटोली थाने की डायल-100 ने रौंद दिया था। जिससे उसकी अस्पताल में मौत हो गई थी। बच्चा फुटपाथ पर ही पंचर बनाकर अपने तीन बच्चों का पेट पाल रहा था। सोमवार को कुछ पुलिस वाले इलाकाई लोगों के साथ बच्चा के घर पहुंचे और बेटे सतीश को एक लाख रुपये थमाकर मामला खत्म करने को कहा। गरीब भी क्या करता, सो चुप हो गया। बच्चा की सास दुलारी और साली सावित्री का कहना है कि एक लाख की एफडी बेटी कुमकुम (10) के नाम करा देंगे। बड़े बेटे सतीश से भी पुलिस वालों ने ई रिक्शा दिलाने का वादा किया है। परिवार की सहमति से शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। वहीं सतीश का कहना है कि सिपाहियों ने उससे कोरे कागज में अंगूठा लगवाकर खुद ही तहरीर लिखवा ली। पिता के साथ काम कर परिवार का पेट पालता था। पुलिस की मानें तो सतीश व उसके घर वालों के बयानों की रिकार्डिंग की गई है।
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