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Kanpur News: एकीकृत बार के चुनावी कार्यक्रम पर बार काउंसिल की रोक
Wed, 22 Jan 2025 12:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 22 Jan 2025 12:59 AM IST
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कानपुर देहात। बार काउंसिल ने पूर्व एल्डर कमेटी की ओर से जारी एकीकृत बार एसोसिएशन के चुनावी कार्यक्रम पर रोक लगा दी है। वहीं संस्था के अध्यक्ष व महामंत्री को वरिष्ठ अधिवक्ताओं की एल्डर कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संस्था का निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए बार काउंसिल सदस्यों की दो सदस्यीय कमेटी गठित कर चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया है।
एकीकृत बार एसोसिएशन की कार्यकारणी का कार्यकाल पूरा होने के बाद कार्यकारणी की ओर से नई पांच सदस्यीय एल्डर कमेटी का गठन किया गया था। वहीं, संस्था की मतदाता सूची को चस्पा कर अधिवक्ताओं को वार्षिक शुल्क जमा करने के साथ ही सदस्यता लेने के लिए 30 जनवरी की तिथि नियत की थी। दूसरी ओर संस्था की पूर्व एल्डर कमेटी के सदस्य ओंकार सिंह भदौरिया, केशव प्रसाद चतुर्वेदी व राम मूरत सिंह की ओर से पत्र जारी कर कार्यकारणी को भंग कर दिया था। साथ ही उसका कार्यभार ग्रहण कर संस्था का चुनावी कार्यक्रम घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही नामांकन प्रकिया शुरू करते हुए 28 जनवरी को मतदान व मतगणना का समय निर्धारित कर किया गया था।
वहीं पूर्व एल्डर कमेटी सदस्यों ने बार काउंसिल में प्रार्थनापत्र देकर संस्था के चुनावी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए दिशा निर्देश की मांग की थी। इस पर बार काउंसिल के अध्यक्ष शिवकिशोर गौड़ की ओर से एल्डर कमेटी के चुनावी कार्यक्रम पर अपनी सहमति देते हुए निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव कराने के लिए बार काउंसिल सदस्य अजय यादव को चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया। जिसकी जानकारी होते ही भावी प्रत्याशियों ने अपने-अपने नामांकन पत्र भी दाखिल करने के साथ ही चुनाव प्रचार अभियान शुरू कर दिया था। इधर कार्यकारणी के अध्यक्ष राधेश्याम कटियार व महामंत्री संजय सिंह सिसौदिया ने पूर्व एल्डर कमेटी के मनमानी करने पर बार काउंसिल के अध्यक्ष को प्रार्थनापत्र दिया।
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जिसमें पूर्व एल्डर के प्रभावी न होने के बावजूद मनमानी तौर पर संस्था का चुनावी कार्यक्रम घोषित कर प्रक्रिया शुरू करने का आरोप लगाया। साथ ही तथ्यों को बार काउंसिल के समक्ष छिपाकर आदेश प्राप्त करने की बात कही। इसपर बार काउंसिल अध्यक्ष की ओर से अपने पूर्व आदेश 12 जनवरी को वापस लेते हुए वरिष्ठता क्रम में एल्डर कमेटी को गठित कर माडल बाई लाज के नियमों के अनुसार संस्था के चुनाव कराने के लिए अध्यक्ष महामंत्री को आदेशित किया है। इसके साथ ही बार काउंसिल के दो सदस्यों अरुण कुमार त्रिपाठी व अजय यादव की दो सदस्यीय कमेटी गठित कर चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।वहीं विवादित एल्डर कमेटी को चुनाव संबंधी किसी निर्णय को लेने व चुनावी कार्यवाही आगे बढ़ाने पर रोक लगा दी है।
...............
बार काउंसिल का आदेश जिला जज व जिलाधिकारी को सौंपा
महामंत्री संजय सिंह सिसौदिया ने बताया कि एकीकृत बार एसोसिएशन के चल रहे चुनावी कार्यक्रम पर बार काउंसिल की रोक लगा दी है। आदेश प्राप्त हो जाने पर संस्था के पदाधिकारियों ने मंगलवार को आदेश की प्रति के साथ प्रार्थनापत्र जिला जज, अपर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को आवश्यक कार्यवाही के लिए सौंपकर वस्तुस्थिति की जानकारी दी गई है। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि अधिवक्ता केवल कानून के जानकार नहीं, बल्कि समाज के मार्गदर्शक और लोकतंत्र के संरक्षक भी हैं। समाज में एक आईना की भूमिका में होते है। कुछ लोगों द्वारा बार संघ की गरिमा के विरुद्ध चुनाव प्रक्रिया अपनाना अधिवक्ता समाज के लिए शर्मनाक है।
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एकीकृत बार एसोसिएशन की कार्यकारणी का कार्यकाल पूरा होने के बाद कार्यकारणी की ओर से नई पांच सदस्यीय एल्डर कमेटी का गठन किया गया था। वहीं, संस्था की मतदाता सूची को चस्पा कर अधिवक्ताओं को वार्षिक शुल्क जमा करने के साथ ही सदस्यता लेने के लिए 30 जनवरी की तिथि नियत की थी। दूसरी ओर संस्था की पूर्व एल्डर कमेटी के सदस्य ओंकार सिंह भदौरिया, केशव प्रसाद चतुर्वेदी व राम मूरत सिंह की ओर से पत्र जारी कर कार्यकारणी को भंग कर दिया था। साथ ही उसका कार्यभार ग्रहण कर संस्था का चुनावी कार्यक्रम घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही नामांकन प्रकिया शुरू करते हुए 28 जनवरी को मतदान व मतगणना का समय निर्धारित कर किया गया था।
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वहीं पूर्व एल्डर कमेटी सदस्यों ने बार काउंसिल में प्रार्थनापत्र देकर संस्था के चुनावी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए दिशा निर्देश की मांग की थी। इस पर बार काउंसिल के अध्यक्ष शिवकिशोर गौड़ की ओर से एल्डर कमेटी के चुनावी कार्यक्रम पर अपनी सहमति देते हुए निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव कराने के लिए बार काउंसिल सदस्य अजय यादव को चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया। जिसकी जानकारी होते ही भावी प्रत्याशियों ने अपने-अपने नामांकन पत्र भी दाखिल करने के साथ ही चुनाव प्रचार अभियान शुरू कर दिया था। इधर कार्यकारणी के अध्यक्ष राधेश्याम कटियार व महामंत्री संजय सिंह सिसौदिया ने पूर्व एल्डर कमेटी के मनमानी करने पर बार काउंसिल के अध्यक्ष को प्रार्थनापत्र दिया।
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जिसमें पूर्व एल्डर के प्रभावी न होने के बावजूद मनमानी तौर पर संस्था का चुनावी कार्यक्रम घोषित कर प्रक्रिया शुरू करने का आरोप लगाया। साथ ही तथ्यों को बार काउंसिल के समक्ष छिपाकर आदेश प्राप्त करने की बात कही। इसपर बार काउंसिल अध्यक्ष की ओर से अपने पूर्व आदेश 12 जनवरी को वापस लेते हुए वरिष्ठता क्रम में एल्डर कमेटी को गठित कर माडल बाई लाज के नियमों के अनुसार संस्था के चुनाव कराने के लिए अध्यक्ष महामंत्री को आदेशित किया है। इसके साथ ही बार काउंसिल के दो सदस्यों अरुण कुमार त्रिपाठी व अजय यादव की दो सदस्यीय कमेटी गठित कर चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।वहीं विवादित एल्डर कमेटी को चुनाव संबंधी किसी निर्णय को लेने व चुनावी कार्यवाही आगे बढ़ाने पर रोक लगा दी है।
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बार काउंसिल का आदेश जिला जज व जिलाधिकारी को सौंपा
महामंत्री संजय सिंह सिसौदिया ने बताया कि एकीकृत बार एसोसिएशन के चल रहे चुनावी कार्यक्रम पर बार काउंसिल की रोक लगा दी है। आदेश प्राप्त हो जाने पर संस्था के पदाधिकारियों ने मंगलवार को आदेश की प्रति के साथ प्रार्थनापत्र जिला जज, अपर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को आवश्यक कार्यवाही के लिए सौंपकर वस्तुस्थिति की जानकारी दी गई है। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि अधिवक्ता केवल कानून के जानकार नहीं, बल्कि समाज के मार्गदर्शक और लोकतंत्र के संरक्षक भी हैं। समाज में एक आईना की भूमिका में होते है। कुछ लोगों द्वारा बार संघ की गरिमा के विरुद्ध चुनाव प्रक्रिया अपनाना अधिवक्ता समाज के लिए शर्मनाक है।