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जारी होने लगे बांग्लादेशियों को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Thu, 11 Feb 2016 01:46 AM IST
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तहसीलदार अनिल कुमार की तरफ से बांग्लादेशियों को नोटिस जारी जाने लगे हैं। इसमें कहा गया है कि नोटिस मिलने के सात दिन के अंदर नागरिकता के प्रमाण दिए जाएं वरना वोटर लिस्ट से नाम हटा दिया जाएगा।
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लोकसभा में प्रश्न उठने के बाद राज्य सरकार के आदेश पर 2009 में तत्कालीन एसडीएम सदर ने जांच के बाद 194 बांग्लादेशियों (पाक विस्थापित) के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की संस्तुति की थी। इसके बावजूद वोटर लिस्ट में इनके नाम दर्ज रहे।
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‘अमर उजाला’ के मामला उठाया जाने पर एडीएम सिटी ने एसडीएम सदर और तहसीलदार को जांच दी थी। तहसीलदार ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में किसी बांग्लादेशी के पास नागरिकता के प्रमाण न होने की बात सामने आई है। अब वोटर लिस्ट में दर्ज नाम और पते के आधार पर नोटिस जारी की जा रही हैं।
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सात दिन में इन लोगों से नागरिकता के प्रमाण देने को कहा गया है। तय समय में प्रमाण न दिए जाने पर वोटर लिस्ट से नाम हटा दिए जाएंगे।
एडीएम सिटी ने दी निर्वाचन दफ्तर को नोटिस
एडीएम सिटी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने निर्वाचन दफ्तर से बांग्लादेशियों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने की तत्कालीन एसडीएम प्रहलाद सिंह की जांच रिपोर्ट तलब की है। अभी तक निर्वाचन दफ्तर यह जांच रिपोर्ट दफ्तर में न होने की बात कह रहा था।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी को दी गई नोटिस में कहा गया है कि तत्कालीन एसडीएम सदर की जांच आख्या दो दिन में दी जाए। संज्ञान में लाया गया है कि बांग्लादेशियों के मामले पर लोकसभा में प्रश्न उठने के बाद तत्कालीन एसडीएम सदर ने जांच कर यह रिपोर्ट दी थी। यह जांच रिपोर्ट दफ्तर में अवश्य होगी।
इसलिए अभिलेखों का निरीक्षण कर दो दिन में बताएं कि जांच आख्या किस स्तर पर विचाराधीन है। नोटिस की कॉपी एसडीएम सदर डीडी वर्मा को भी भेजी गई है।
एआरटीओ फतेहपुर को नोटिस
कानपुर। वीजा की अवधि बीत जाने और एसटीएफ द्वारा आंतकी संगठन से संबंध होने के आरोपी जॉर्डन के युवक का ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के मामले में अब फतेहपुर में तैनात एआरटीओ संजय तिवारी को नोटिस दिया गया है।
डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर वीके सौनकिया की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है कि जॉर्डन के युवक का लाइसेंस किस आधार पर बनाया गया था। सात दिन में स्थिति स्पष्ट करें।
पांच जनवरी 2002 को एसटीएफ ने लखनऊ में इंद्रानगर मुंशी पुलिया के पास से जॉर्डन के जकी इलाके के रहने वाले अदनान अली हाल पता अलीगंज लखनऊ को फलीस्तीन के वासिल और समीर महमूद के साथ गिरफ्तार किया था। इनके पास से कई आपत्तिजनक वस्तुएं मिली थीं।
एसटीएफ का दावा था कि अदनान के आंतकी संगठन हमास से संबंध है। ‘अमर उजाला’ ने खुलासा किया था कि अदनान ने यहां से अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया था। डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर का कहना है कि अभी तक जांच में फर्जी आईडी से लाइसेंस बनाने का तथ्य सामने आया है। लाइसेंस 2010 में बनवाया गया था। तब संजय तिवारी कानपुर के आरटीओ प्रशासन थे। इसलिए उन्हें नोटिस दिया गया।