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बांदा: खेत की रखवाली करते समय गिरा मचान, किसान की दबकर मौत
Fri, 17 Jan 2020 06:56 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 17 Jan 2020 06:56 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
बांदा के नरैनी में अन्ना मवेशियों से खेत बचाने के चक्कर में एक और खेतिहर मजदूर किसान को जान गंवानी पड़ी। खेत में बने मचान ढह जाने से उस पर सो रहे किसान की नीचे दबकर मौत हो गई।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कोतवाली क्षेत्र के बेला पुरवा (मोतियारी) गांव में रामदास (45) पुत्र चुनुबाद यादव फसल की रखवाली के लिए रात में भी खेत में ही रहता था। उसने खेत में मचान बना रखा था। उसी पर सोता था।
बृहस्पतिवार को देर शाम घर से खेत पहुंचा। अगले दिन सुबह शुक्रवार घर नहीं लौटा। इसी बीच पड़ोसी किसान विजय ने खेत से फोन पर घर में सूचना दी कि रामदास का मचान गिर गया और वह उसके नीचे दबा पड़ा है। उसकी मृत्यु हो चुकी है।
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पुत्र धनंजय और भूरा मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। कोतवाली के उप निरीक्षक बृजकिशोर तिवारी व अर्जुन सिंह ने मौके पर आकर परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उप निरीक्षक अर्जुन सिंह ने बताया कि रात को बारिश हो रही थी। उसी में मचान गिर जाने से मलबे में दबकर ठंड से मौत हो गई। घरवालों ने बताया कि अपनी निजी जमीन नहीं है। गांव के कुछ किसानों से 15 बीघा जमीन बटाई पर ले रखी है।
मृतक के चार बेटे हैं। उधर, कछिया पुरवा और पड़ोसी गांव बेला पुरवा तथा मोतियारी गांव के किसानों ने बताया कि लगभग 500 अन्ना मवेशी हैं। रात-दिन इनकी धमाचौकड़ी है। खेत की रखवाली में चूक होते ही यह फसल सफाचट कर जाती हैं। ऐसे में दिन-रात खेतों की रखवाली करना किसानों की मजबूरी है।
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पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कोतवाली क्षेत्र के बेला पुरवा (मोतियारी) गांव में रामदास (45) पुत्र चुनुबाद यादव फसल की रखवाली के लिए रात में भी खेत में ही रहता था। उसने खेत में मचान बना रखा था। उसी पर सोता था।
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बृहस्पतिवार को देर शाम घर से खेत पहुंचा। अगले दिन सुबह शुक्रवार घर नहीं लौटा। इसी बीच पड़ोसी किसान विजय ने खेत से फोन पर घर में सूचना दी कि रामदास का मचान गिर गया और वह उसके नीचे दबा पड़ा है। उसकी मृत्यु हो चुकी है।
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पुत्र धनंजय और भूरा मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। कोतवाली के उप निरीक्षक बृजकिशोर तिवारी व अर्जुन सिंह ने मौके पर आकर परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उप निरीक्षक अर्जुन सिंह ने बताया कि रात को बारिश हो रही थी। उसी में मचान गिर जाने से मलबे में दबकर ठंड से मौत हो गई। घरवालों ने बताया कि अपनी निजी जमीन नहीं है। गांव के कुछ किसानों से 15 बीघा जमीन बटाई पर ले रखी है।
मृतक के चार बेटे हैं। उधर, कछिया पुरवा और पड़ोसी गांव बेला पुरवा तथा मोतियारी गांव के किसानों ने बताया कि लगभग 500 अन्ना मवेशी हैं। रात-दिन इनकी धमाचौकड़ी है। खेत की रखवाली में चूक होते ही यह फसल सफाचट कर जाती हैं। ऐसे में दिन-रात खेतों की रखवाली करना किसानों की मजबूरी है।