{"_id":"6ad60292f2120ce42e02e7f4","slug":"banda-elderly-man-grazing-buffaloes-attacked-by-tiger-life-saved-thanks-to-quick-thinking-of-his-companions-2026-10-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बांदा: भैंस चराने गए वृद्ध पर बाघ का हमला, साथियों की सूझबूझ से बची जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बांदा: भैंस चराने गए वृद्ध पर बाघ का हमला, साथियों की सूझबूझ से बची जान
Mon, 19 Oct 2026 05:15 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 19 Oct 2026 05:15 PM IST
सार
बाघ के हमले से घायल वृद्ध दो घंटे तक तड़पता रहा। ग्रामीणों ने सूचना के बावजूद वन अमले के न पहुंचने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
घायल को अस्पताल पहुंचाया गया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से सटे राजस्व क्षेत्र में रविवार सुबह भैंस चराने जंगल गए 60 वर्षीय वृद्ध पर बाघ ने हमला कर दिया। हमले में जरधोवा गांव निवासी मलखान सिंह राजगौड़ के चेहरे, पीठ और घुटने पर गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए बाघ पर पत्थर फेंके, जिसके बाद वह भाग गया और वृद्ध की जान बच गई। घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश है।
घायल के पुत्र देवी सिंह ने बताया कि वन्यजीवों के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के करीब दो घंटे बाद तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। ऐसे में ग्रामीणों को डायल 112 की मदद से घायल को अस्पताल पहुंचाना पड़ा।
विज्ञापन
ग्रामीणों का आरोप है कि हमले से एक दिन पहले भी यही बाघ जरधोवा गांव के आसपास घूम रहा था। इसकी सूचना वन विभाग को देने के बावजूद टीम मौके पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने इसे पन्ना टाइगर रिजर्व के प्रबंधन की लापरवाही बताते हुए नाराजगी जताई।
विज्ञापन
विज्ञापन
घायल के पुत्र देवी सिंह ने बताया कि वन्यजीवों के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के करीब दो घंटे बाद तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। ऐसे में ग्रामीणों को डायल 112 की मदद से घायल को अस्पताल पहुंचाना पड़ा।
विज्ञापन
ग्रामीणों का आरोप है कि हमले से एक दिन पहले भी यही बाघ जरधोवा गांव के आसपास घूम रहा था। इसकी सूचना वन विभाग को देने के बावजूद टीम मौके पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने इसे पन्ना टाइगर रिजर्व के प्रबंधन की लापरवाही बताते हुए नाराजगी जताई।
Trending Videos
पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर वीरेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को रवाना कर दिया गया था। घायल वृद्ध की स्थिति अब स्थिर है। वन विभाग ने तत्काल सहायता के रूप में दो हजार रुपये दिए हैं और इलाज का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया है। बाघ को जंगल की ओर खदेड़ने के लिए हाथियों की टीम भी मौके पर भेजी गई है।
डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से सटा राजस्व क्षेत्र होने के कारण यहां बाघों का विचरण रहता है। ऐसे में चरवाहों और किसानों का जंगली जानवरों से आमना-सामना हो जाता है। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों और ग्रामीणों के बीच टकराव रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।