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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का बड़ा एक्शन, कुंभ तक 51 टेक्सटाइल इकाइयों पर प्रतिबंध

Sat, 05 Jan 2019 05:25 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 05 Jan 2019 05:25 PM IST
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Ban on 51 textile units until kumbh
डेमो पिक
कानपुर में टेनरियों के बाद अब गंगा को प्रदूषित कर रही टेक्सटाइल इकाइयों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नकेल कसी है। बोर्ड ने कुंभ तक शहर की 51 टेक्सटाइल इकाइयों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें चार मार्च तक गीला कार्य नहीं हो सकेगा। शुक्रवार को जिलाधिकारी की स्वीकृति के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यह आदेश जारी किया।
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कुछ महीने पहले कैबिनेट की बैठक के बाद सीएम ने यह आदेश दिया था कि कुंभ स्नान को देखते हुए गंगा में किसी भी तरह का प्रदूषित पानी नहीं जाना चाहिए। चाहे वह टेनरियों के माध्यम से आ रहा हो या फिर दूसरी औद्योगिक इकाइयों के जरिए।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच में यह बात सामने आई है कि पनकी के पास से शुरू होने वाले आईसीआई नाले और विजय नगर के गंदा नाले से होकर टेक्सटाइल इंडस्ट्री का कई करोड़ लीटर प्रदूषित रंगीन पानी पांडु नदी में गिरता है।
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Ban on 51 textile units until kumbh
डेमो पिक
फतेहपुर के पास गंगा में मिलने वाली पांडु नदी का यह कचरा सीधे गंगा में मिल रहा है। बोर्ड के अनुसार आईसीआई नाले और विजय नगर नाले को टैप नहीं किया गया है। इसकी वजह से सारा पानी गंगा में जा रहा है। इसे रोकने के लिए बोर्ड ने इकाइयों में काम बंद करने का आदेश जारी किया है।

- ड्रेनेज, नाले से जुड़ी हैं टेक्सटाइल इकाइयां
- 29 इकाइयां पनकी स्थित आईसीआई नाले से जुड़ी हैं
- 22 इकाइयां विजय नगर स्थित नाले से जुड़ी हैं

ऑक्सीजन सोखती है डाई
टेक्सटाइल इकाइयों में डाई (एक तरह का केमिकल) का प्रयोग कपड़ों को रंगने के लिए किया जाता है। यह डाई जितने क्षेत्र के पानी में घुलती है, वहां के पानी की आक्सीजन सोख लेती है। इसकी वजह से उतने क्षेत्र में रहने वाले जलीय जंतुओं को आक्सीजन मिलनी बंद हो जाती है। जिससे उनकी मौत भी हो जाती है। आक्सीजन लंबे समय तक नहीं मिलने की वजह से वहां का पानी भी प्रयोग लायक नहीं रह जाता है।
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